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कोलकोले पंचायत में 4 एकड़ भूमि पर अफीम की गई खेती नष्ट मुखिया समेत 13 तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज

लावालौंग पुलिस अफीम तस्करों के खिलाफ सख्त

कोलकोले पंचायत में 4 एकड़ भूमि पर अफीम की गई खेती नष्ट

मुखिया समेत 13 तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज

 मामला दर्ज होते ही मुखिया फरार

 

चतरा: जिले के कई प्रखंडों के सुदूरवर्ती जंगली क्षेत्र में अफीम तस्कर बड़े पैमाने पर अफीम की खेती कर रहे हैं। अफीम की खेती में जहां वन विभाग की संलिप्तता है,वहीं कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी तस्करों को संरक्षण देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि चतरा पुलिस अफीम तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल के दिनों में चतरा पुलिस और वन विभाग के संयुक्त कार्रवाई में सैंकड़ों एकड़ में लगे अफीम की फसलों को नष्ट किया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र लावालौंग थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती जंगली इलाकों में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती लगी हुई है। लावालौंग के तेजतर्रार युवा थाना प्रभारी रूपेश कुमार राय अफीम तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हाल के दिनों में इनके नेतृत्व में लावालौंग पुलिस ने अभियान चलाकर लगभग 40 एकड़ वन भूमि में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया है। इसी कड़ी में कोलकोले पंचायत में पुलिसिया कार्रवाई में एक ओर जहां लगभग 4 एकड़ भूमि पर अफीम की फसल नष्ट की है। वहीं पंचायत के मुखिया राजेश साव समेत 13 तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होते ही मुखिया अंडरग्राउंड हो गए हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी रूपेश कुमार राय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मुखिया व अन्य की अफीम की खेती में सभी की संलिप्तता नजर आई है। इसी आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। वहीं इस बाबत प्रखंड विकास पदाधिकारी बिपिन भारती ने बताया कि कोलकोले मुखिया राजेश साव के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी उन्हें नहीं है। जानकारी मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल इस पूरे प्रकरण में पंचायती राज के एक प्रमुख जनप्रतिनिधि मुखिया के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज होना चिंता का विषय है। अगर वाकई में अफीम की खेती में मुखिया जी की संलिप्तता रहती है और वह अपने क्षेत्र से अनुपस्थित रहते हैं तो प्रशासन का दायित्व बनता है कि इनका पावर सीज करते हुए उप मुखिया को मुखिया का प्रभार दे दें ताकि पंचायत का विकास कार्य प्रभावित न हो।

मो शाहबान की रिपोर्ट,

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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