Home » News Update » सूर्य मंदिर,चुंदरु धाम में विकास समिति के सचिव पद से शंकर कुमार गुप्ता ने दिया त्यागपत्र

सूर्य मंदिर,चुंदरु धाम में विकास समिति के सचिव पद से शंकर कुमार गुप्ता ने दिया त्यागपत्र

सूर्य मंदिर,चुंदरु धाम में फर्जी विकास चुनाव का खुला पॉल

कामेश्वर गुप्ता

टंडवा(चतरा)सुप्रसिद्ध सूर्य मंदिर,चुंदरु धाम चतरा जिले के औद्योगिक नगरी टंडवा प्रखंड के पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के ग्राम उड़सू की धरती में विराजमान एवं विख्यात पत्थरों की कलाकृति मानचित्र,धरोहर व सत्यता एवंम् भक्तों की विख्याती धर्म स्थान है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि बिना प्रचार-प्रसार व खबर प्रकाशित किये एवं सूचना दिए बगैर 09 मार्च को सूर्य मंदिर विकास समिति की कमिटी गठन तीन पदों में कर ली गई थी। भक्तों द्वारा विरोध करने पर 10 मार्च को कोषाध्यक्ष पद पर बाजबरन चयन कर सोशल व प्रिंट मीडिया में प्रचार प्रसार खबर प्रकाशित किया गया था। जिससे आहत होकर व आरोप लगाते हुवे कोषाध्यक्ष पद से विकास कुमार गुप्ता ने लिखित पत्र के माध्यम से त्यागपत्र दे दिया गया था।

 27 मार्च को सचिव पद से शंकर कुमार गुप्ता ने लिखित पत्र जारी कर दिया त्यागपत्र पत्र

सचिव पद से शंकर गुप्ता ने पत्र में पर्यवेक्षक मण्डली के सदस्य बासुदेव बसंत को पत्र सौपा है। पत्र में जिक्र किया गया है कि सूर्य मंदिर विकास समिति से सादर निवेदन पूर्वक कहना है कि में शंकर कुमार गुप्ता, पिता स्व० रामदीप साव, ग्राम+पो०+थाना-टण्डवा, जिला-चतरा का स्थाई निवासी हूँ। दिनांक 09.03.2025 दिन रविवार को सूर्य मंदिर विकास समिति का गठन किया गया था। जिसमें मुझे सचिव पद पर चयनित किया गया था। कारण आम ग्रामीणों एवं मीडिया प्रेस में सूचनार्थ नहीं करने का प्रत्यारोपन सूर्य मंदिर विकास समिति टण्डवा के गठन में किया गया था।

लेकिन दिनांक 22 मार्च 2025 को ग्रामीण जनता एवं मीडिया में विरोध से मैं समझता हूँ कि वर्तमान परिस्थिति के अनुसार वोटिंग से चुनाव हो। सूर्य मंदिर की गरिमा को बनाए रखने एवं ग्रामीणों के भाव एवं मान-सम्मान को ध्यान में रखते हुए और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति ना हो इसलिए मैं स्वेच्छा से सूर्य मंदिर विकास समिति के सचिव पद से त्यागपत्र दे रहा हूँ। मेरे त्यागपत्र को स्वीकृत करते हुए मेरा निजी विचार है कि आजीवन सदस्यता ग्रहण करने के लिए इच्छुक ग्रामीणों को शामिल करते हुए इस कमेटी को भंग कर नये सिरे से सूर्य मंदिर विकास समिति का गठन किया जाय। जिससे ग्रामीण एवं आजीवन सदस्यों में समन्वय बना रहे।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

[democracy id="1"]

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal