औरंगाबाद,नबीनगर: नगर पंचायत क्षेत्र के मंगल बाजार स्थित श्री महाबीर मंदिर प्रांगण में श्री महाबीर सेवा समिति द्वारा आयोजित रामनवमी पूजा महोत्सव का शुभारंभ रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस अवसर पर कलश स्थापना के साथ राम दरबार की भव्य मूर्ति स्थापित की गई। रामचरित मानस नवाह परायण पाठ एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ किया गया।
नवरात्र की महत्ता पर प्रकाश
आचार्य धनंजय चौबे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ महीनों में चार बार नवरात्र आते हैं, लेकिन चैत्र और आश्विन माह के नवरात्र अधिक लोकप्रिय होते हैं। इन्हें पूरे देश में मां भगवती की आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। धर्म ग्रंथों और पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्र का समय अत्यंत शुभ और भाग्यशाली माना गया है। इस समय प्रकृति में एक नई ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जनमानस में भी नई उम्मीदें और उत्साह जागृत होते हैं।
चैत्र नवरात्र का महत्व
आचार्य चौबे ने बताया कि इस समय लहलहाती फसलों से किसानों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं, सूर्य उत्तरायण में होते हैं, और संपूर्ण वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। ऐसे समय में मां भगवती की पूजा-अर्चना करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वसंत ऋतु अपने चरम पर होने के कारण इन्हें वासंती नवरात्र भी कहा जाता है। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही, अपने-अपने कुल देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने की परंपरा भी होती है, जिससे चैत्र नवरात्र और भी विशेष हो जाता है।
इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की।
औरंगाबाद से अविनाश कुमार की रिपोर्ट
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
