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पेय जल एवं स्वच्छता विभाग तथा मध निषेध विभाग मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने ओरीका के एच आर से फोन पर…

तेनुघाट —– पेय जल एवं स्वच्छता विभाग तथा मध निषेध विभाग मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने ओरीका के एच आर से फोन पर बात कर कहा कि छात्रा मृतक आरोही रानी की मौत में जिम्मेवार व्यक्ति को जांच कर कार्रवाई करे। विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से छात्रों की मौत बर्दाश्त नहीं करेंगे। उचित जांच हो और त्वरित कार्रवाई हो। आगे बताया कि तेनुघाट में यह दूसरी सबसे बड़ी घटना घट चुकी है। तेनुघाट निवासी और पूर्व में पिट्स मॉर्डन के छात्र मनन श्रेष्ठ के साथ बड़ी दुर्घटना घट चुका था। पीड़ित माता पिता ने भी मंत्री से मदद करने की गुहार लगाई है। पिट्स मॉर्डन स्कूल गोमिया की छात्रा थी मृतक आरोही रानी। आरोही के माता पिता से मिलने पहुंचे तेनुघाट झारखंड सरकार के पेय जल एवं स्वच्छता सह उत्पाद मद निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद वहीं पर उन्होंने बताया।

बताते चलें कि तेनुघाट पंचायत की मुखिया नीलम श्रीवास्तव एवं समाज सेवी संतोष श्रीवास्तव की एक मात्र सहारा इकलौत पुत्री आरोही रानी ही थी। जो बिगत पिछले दिनों 29 मई को रांची ऑर्किड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई जिसके कारण पूरा सदमे है।

आगे बताते चले कि मृतक आरोही रानी को विद्यालय के द्वारा हजारीबाग एन सी सी कैंप ट्रेनिंग के लिए ले जाया गया था। जहां आरोही की तबियत काफी खराब हो गई थी, ट्रेनिंग कर रही छात्रों ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर पर किसी प्रकार का कोई व्यवस्था नहीं था खाना, पीना, रहना और न हीं सोने की भी उचित व्यवस्था था। यहां तक कि तबियत खराब होने पर किसे बताया जाय कोई डॉक्टर और न ही जवाबदेही वाला पदाधिकारी या मास्टर भी नहीं था। छात्रों ने बताया कि आरोही की तबियत 19 मई से खराब हो रही थी तब 22 मई को उनके पिता को फोन कर बताया कि काफी तबियत खराब हो गया है। मृतक के पिता संतोष श्रीवास्तव ने कहा बताया कि दूसरे छात्रों के द्वारा फोन कर बताया कि तबियत काफी बिगड़ गई है तो आननफानन में ऑर्किड हॉस्पिटल रांची में भर्ती कराया गया था जहां आरोही रानी का देहांत हो गया।शोकाकुल परिवार को प्रति दिन सुबह से लेकर शाम तक सैकड़ों लोग ढाढस देने पहुंच रहे है।  परन्तु विद्यालय प्रबंधन की ओर से अब तक एक भी शिक्षक अफसोस जताने तक नहीं आए हैं।

इस अवसर पर रमेंद्र कुमार सिन्हा, गुड़िया देवी, अरुण कुमार महतो, संजय कुमार शर्मा, आनंद श्रीवास्तव, विजय अंबष्ट, संतोष कुमार, रत्नेश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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