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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस 2025 पर खेल प्रतियोगिताओं एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन

मो शाहबान

चतरा:अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर चतरा जिला के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य खेल प्रतियोगिताओं और जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ओलंपिक दिवस का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।

इस अवसर पर जिले के प्रतिभागियों के बीच साइकिल रेस, मैराथन दौड़, एथलेटिक्स, एवं फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया। सभी खेलों में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिससे ओलंपिक मूल्यों – उत्कृष्टता, सम्मान और सहभागिता – का प्रभावी प्रदर्शन हुआ।

खेल आयोजनों के साथ-साथ एक नशा विरोधी जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसके अंतर्गत स्टेडियम परिसर में बैनर और पोस्टर लगाए गए। इन माध्यमों से युवाओं एवं दर्शकों को यह संदेश दिया गया कि नशे से दूरी और खेलों से जुड़ाव ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज की नींव है। सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि वे इस संदेश को अपने परिवार, मित्रों और सामाजिक माध्यमों पर साझा कर समाज में नशा मुक्त वातावरण निर्माण में भागीदारी निभाएं।

इस आयोजन में आवासीय फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र के खिलाड़ियों के साथ-साथ डे बोर्डिंग केंद्र के बच्चों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में आवासीय फुटबॉल कोच प्रेरणा मिश्रा एवं डे बोर्डिंग फुटबॉल कोच वासुदेव उरांव की अहम भूमिका रही, जिनके मार्गदर्शन में बच्चों ने अनुशासन, सहयोग और प्रतिस्पर्धा की भावना को आत्मसात किया।

कार्यक्रम की संपूर्ण देखरेख और सफल क्रियान्वयन में जिला खेल पदाधिकारी तुषार राय की नेतृत्वकारी भूमिका रही। इसके अतिरिक्त लालू, कमरान, DLTS अंकित कुमार, एवं अन्य कार्यालय स्टाफ ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

क्लोजिंग सेरेमनी में ओलंपिक संघ के सचिव राकेश कुमार सिंह, जिला खेल पधाधिकारी तुषार राय एवं वॉलीबॉल कोच मो शाहबान द्वारा जीते हुए टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

चतरा खेल पधाधिकारी तुषार राय ने बताया कि जिले में खेलों के विकास एवं युवाओं के सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता भी पैदा होती है।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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