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कसमार में 02 दिवसीय राज्य स्तरीय क्षेत्रीय एफएनएचडब्ल्यू प्रशिक्षण प्रारंभ।

पहले दिन प्रतिभागियों ने किया खुडिबेड़ा, मंजुरा व आजीविका केंद्रों का क्षेत्रीय भ्रमण।

सक्रिय महिला समूहों से जाना जमीनी कार्यों का प्रभाव, सीएलएफ व जीआरसी की भूमिका की सराहना।

बोकारो: राज्य स्तरीय क्षेत्रीय एफएनएचडब्ल्यू (Food, Nutrition, Health and WASH) दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कसमार में मंगलवार को प्रारंभ हुआ।

इस प्रशिक्षण में जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए सचिव स्तर के अधिकारी से लेकर जमीनी स्तर पर कार्यरत प्रतिनिधियों सहित कुल 20 प्रतिभागी शामिल हुए।

प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों ने कसमार प्रखंड अंतर्गत विभिन्न ग्राम संगठनों और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया।‌ साथ ही, कार्यों की स्थिति व प्रगति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

खुडिबेड़ा ग्राम संगठन: आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य – पोषण कार्यों की हुई सराहना।

प्रतिभागियों ने खुडिबेड़ा ग्राम संगठन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच सहित पोषण से संबंधित कार्यों पर विस्तृत जानकारी ली।

मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र खुडिबेड़ा का भ्रमण कर वहां दी जा रही सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान एक गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें दीदियों की सक्रिय सहभागिता रही।

मंजुरा संकुल संगठन की बैठक में जमीनी कार्यों पर हुई चर्चा।

आगे, मंजुरा आजीविका महिला स्वावलंबी संकुल संगठन* द्वारा आयोजित बैठक में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बैठक में ग्रामीण क्षेत्र में संगठन द्वारा शौचालय उपयोग, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, पशुपालन, बाल विवाह, पोषण, खानपान आदि विषयों पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

मॉडल सीएलएफ द्वारा क्षेत्रीय प्रगति की एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन* के माध्यम से प्रस्तुति दी गई, जिसे प्रतिभागियों ने खूब सराहा।

जीआरसी/गरिमा केंद्र एवं जेंडर सीआरपी की भूमिका की हुई सराहना।

प्रतिभागियों ने जीआरसी (जेंडर रिसोर्स सेंटर) / गरिमा केंद्र का भी भ्रमण किया, जहां डायन कुप्रथा, घरेलू हिंसा जैसे सामाजिक मुद्दों पर संकुल संगठन व जेंडर सीआरपी द्वारा किए जा रहे जागरूकता और हस्तक्षेप कार्यों की जानकारी दी गई।

महिला अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक समानता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रतिभागियों ने विशेष रूप से प्रशंसा की।

मनरेगा एवं डीएमएफटी से बने संसाधनों का भी किया निरीक्षण।

अंत में प्रतिभागियों ने कसमार आजीविका संसाधन केंद्र का भ्रमण किया, जहां मनरेगा व डीएमएफटी मद से निर्मित सोलर यूनिट, बागवानी क्षेत्र, गाय शेड, वर्मी कम्पोस्ट शेड जैसे आजीविका आधारित संसाधनों का निरीक्षण किया गया। इन *नवाचारों ने प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण* प्रस्तुत किया।

इस भ्रमण में प्रखंड विकास पदाधिकारी कसमार नम्रता जोशी, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनिल डुंग डुंग, रामकृष्ण पाठक, रजनीकांत, सुभाष, कालीचरण, अमरनाथ सिंह, अतुल, मनोज कुमार यादव, यशोदा देवी, रंजीत, रमेश, बिस्वेश्वर, कुंती, चांदनी, सबिता, रजत, मीना समेत अन्य उपस्थित थे।

साथ ही, ग्राम संगठन, वीओ और संकुल संगठन से *उषा देवी (अध्यक्ष), शीमा देवी (सचिव), पबिता देवी (कोषाध्यक्ष), रीना, रीता, मुनि, गीता, आशा, सीता, शकुंतला, खुशबू, मंजु, रेखा, पम्मी, जिरू, मीना, प्रीति, सरिता आदि* की सक्रिय भागीदारी रही।

मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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