सारठ: चित्रा कोलियरी में प्रबंधन के मनमाने कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रही है लेकिन इस तरह मनमानी रवैए से मजदूर से कोयला कर्मी डंफर मलिक सहित हालातों को लेकर सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह गंभीरता से लेते हुए रविवार उत्पादन बंद करने के मामले में सीएमडी को भेजा कड़ा विरोध पत्र । चित्रा कोलियरी एसपी माईंस क्षेत्र में रविवार को कोयला उत्पादन बंद रखने प्रबंधन के निर्णय मजदूरों को आजिविका पर संकट खड़ा कर दिया है। इस निर्णय के विरोध में पर्यावरण एवं प्रदुषण नियंत्रण समिति के सभापति सह सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने इसीएल सीएमडी को पत्र लिखकर मजदूरों के साथ अन्याय करार दिया है। पत्र में उन्होंने कोलियरी प्रबंधन द्वारा 26 जुलाई को जारी पत्र हवाले देते हुए कहा है कि रविवार कोयला उत्पादन पूरी तरह बंद रखने का आदेश से उन सैकड़ों कोयला मजदूरों को जीवन निर्भरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।जो सप्ताह के सातों दिन काम कर वैतन पाते हैं । विधायक ने कहा बैठक में बात तय हुई मजदूरों के खिलाफ इस्तेमाल क्यों, प्रबंधन विफल हो तो मजदूर काम करें तो दंड क्यों, मजदूरों की आवाज को गंभीरता से लेने की चेतावनी, विधायक ने स्पष्ट कहा कि मजदूरों की आमदनी से छेड़छाड़ करन उनके जीवन पर हमला है। जिससे यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने एसीएल प्रबंधन से अपील की है कि मजदूरों की आजीविका और सामाजिक को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करें स्थिति को गंभीरता को समझे ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है। जब प्रबंधन की विफलता से स्थिति उत्पन्न हुई है तो उसका खामियाजा मेहनतकश मजदूर क्यों भुगते। अधिकारियों ओर प्रबंधकों की तनख्वाह में कोई कटौती नहीं कि जा रही है। लेकिन कोयला मजदूरों की आय पर सीधा प्रभाव डाला जा रहा है।जो पूरी तरह अन्याय पूर्ण हे यह विषय न केवल मजदूरों की अजीविका से जुड़ा है बल्कि क्षेत्र की समाजिक आर्थिक स्थिरता से भी संबंध रखता है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
