Home » News Update » जमुई में मुखिया के घर चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, अचानक पुलिस ने मारा तीन ठिकानों पर छापा….

जमुई में मुखिया के घर चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, अचानक पुलिस ने मारा तीन ठिकानों पर छापा….

बिहार,जमुई में मुखिया के ठिकानों पर छापेमारी में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. हथियार और उपकरण बरामद किया गया है-

मिनी गन फैक्ट्री का भांडाफोड़…..

जमुई : बिहार के जमुई जिले में अवैध हथियार निर्माण से जुड़ी एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. पुलिस ने खैरा प्रखंड के हरखार पंचायत के मुखिया मुन्ना साव के तीन ठिकानों पर छापेमारी कर एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।

मुखिया के घर मिनी गन फैक्ट्री : मंगलवार देर रात की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं. पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनमें मुंगेर और कोलकाता के हथियार विशेषज्ञ शामिल हैं।

सामान जब्त करती पुलिस

तीन ठिकानों पर छापेमारी : जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मुखिया मुन्ना साव के कई स्थानों पर अवैध हथियार निर्माण का काम चल रहा है. सबसे पहले रोपावेल गांव में छापा मारा गया, इसके बाद गरही बाजार स्थित एक निजी मकान और फिर जमुई टाउन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर मोहल्ले में कार्रवाई हुई. कल्याणपुर से गुड्डू सिन्हा के मकान से भी भारी मात्रा में हथियार और औजार मिले।

”जमुई में मुखिया के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार और उपकरण बरामद हुए हैं. मामले की जांच जारी है और पुलिस को पूरे नेटवर्क के उजागर होने की उम्मीद है.”- सतीश सुमन, एसडीपीओ

छापेमारी के दौरान गन फैक्ट्री का खुलासा।

गिरफ्तार आरोपी हथियार निर्माण में माहिर : पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुंगेर निवासी मो. खुर्शीद आलम और मो. जाहिर, कोलकाता के मो. विसमिल्ला अली और मो. गाजी अली के साथ-साथ मुखिया मुन्ना साव का भतीजा धर्मवीर साव भी शामिल है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी अवैध हथियार निर्माण में विशेषज्ञ हैं और संभवतः एक संगठित गिरोह के लिए काम कर रहे थे।

मुखिया मुन्ना साव का आपराधिक इतिहास : मुखिया मुन्ना साव कोई नया नाम नहीं है. उसका आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगते रहे हैं. इस बार उसके तीन ठिकानों से मिली बरामदगी ने पुलिस को एक बड़े हथियार नेटवर्क की ओर इशारा किया है।

मुखिया के ठिकानों से बरामद सामान

पूरा नेटवर्क तस्करी से जुड़ा : मौके पर पहुंचे एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क अवैध हथियार निर्माण और तस्करी से जुड़ा हुआ लग रहा है. पुलिस गहन छानबीन कर रही है कि यह धंधा कितने समय से चल रहा था और इसके तार किन-किन इलाकों तक फैले हैं. फिलहाल जिले भर में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

पटना से राजेश सागर

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

[democracy id="1"]

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal