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प्रसूता के मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की खुली नींद, सीएस ने झोलाछाप का क्लिनिक की सील

झोलाछाप डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई: सीएस जगदीश प्रसाद

 

हंटरगंज(चतरा): चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाडीह स्थित एक अवैध क्लिनिक में झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही से सोमवार शाम एक प्रसूता की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। मंगलवार देर शाम को सवास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध तरीके से संचालित क्लिनिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए, अस्पताल को सील कर दिया गया है।चतरा सिविल सर्जन जगदीश प्रसाद ने कहा कि प्रसूता की मौत के मामले में जो लोग दोषी हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। आगे भी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल पर सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई है।उन्होंने आगे कहा कि क्लिनिक का कोई वैध रजिस्ट्रेशन नहीं था और यह अवैध रूप से संचालित हो रहा था। स्वास्थ्य विभाग को जब इस बात की जानकारी हुई, तो सीएचसी प्रभारी वेद प्रकाश के साथ मौके पर पहुंचे और क्लिनिक को सील कर दिया।

 

*किया है पूरा मामला*

 

हंटरगंज थाना क्षेत्र के सेलवार गांव की प्रसूता महिला की मौत ने न सिर्फ परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया बल्कि पूरे प्रखंड क्षेत्रवासियों में गुस्से का माहौल बना दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार की अहले सुबह लगभग 1 घंटे तक चतरा – डोभी मुख्य पथ को जाम कर दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि एक व्यक्ति बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के विगत छः माह से अवैध क्लिनिक चला रहा था। सलवार गांव की एक प्रसूता महिला को 28 अगस्त को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया था। मृतका के ससुराल के ही एक झोलाछाप डॉक्टर आरोपी विकेश यादव ने अच्छा डॉक्टर से इलाज की बात कही थी। जिसके बाद परिजनों ने मृतिका का इलाज करवाने के लिए अवैध नर्सिंग होम में पहुंचे थे। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया था की डॉक्टर के द्वारा कोई भी जांच नहीं की गई और सीधे ऑपरेशन कर दिया। जिससे बच्चा तो सुरक्षित बाहर निकला लेकिन मृतिका की हालत बिगड़ती चली गई। बिगड़ती हालत देख तीन दिनों के बाद झोलाछाप डॉक्टरों ने गया के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां उसकी स्थिति और नाजुक हो गई। जिसके बाद फिर डॉक्टरो ने पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां मृतिका ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद झोलाछाप डॉक्टर वहां से हो गया, परिजनों ने काफी फोन लगाया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से जब मृतिका के शव लेकर परिजन क्लिनिक पास पहुंचे तो देखा कि उसके पहले ही झोलाछाप डॉक्टर फरार हो गए हैं।इस घटना के बाद मृतिका के पति सलवार निवासी धर्मेंद्र यादव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग पहुंची और जांच की। चतरा सीएस के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध क्लिनिक की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि डॉक्टर के पास किसी प्रकार की मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है और ना ही क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन है। जिसके बाद कार्रवाई की गई। मौके पर स्वास्थ्य विभाग पदाधिकारी नुनु लाल, बीडीएम ओम प्रकाश समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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