मो शाहबान की रिपोर्ट
टंडवा(चतरा): जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बानपुर खुंटी टोला में अंधविश्वास की भेंट चढ़कर एक बुजुर्ग की क्रूर हत्या कर दी गई। मृतक धर्मदेव उरांव (उम्र 45 वर्ष) पर डायन-भूत का आरोप लगाकर हमलावरों ने उनके घर में घुसकर पिलास से पकड़कर जीभ काट दी, लाठी-डंडों से पीटा और फिर शव को रातोंरात जला दिया। पत्नी बरियो देवी (उम्र 47 वर्ष) के फर्दबयान पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सभी 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना पिलास और डंडा बरामद कर जप्त किया गया है, जबकि सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक चतरा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 सितंबर 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि बानपुर खुंटी टोला में एक पुरुष की डायन का आरोप लगाकर हत्या कर दी गई है। सूचना के सत्यापन के बाद टंडवा थाना कांड संख्या 196/25 धारा 103(2), 238, 61(2), 127(2), 351(3), 3(5) भा.द.सं. एवं 3/4 डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मृतक पर गांव में हुई मौतों और बीमारियों का जिम्मेदार ठहराते हुए 40-50 अज्ञात महिलाओं-पुरुषों समेत 6 नामजद आरोपियों ने साजिश रची।
इस कांड के उद्भेदन के लिए एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल गठित किया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 सितंबर को सभी 6 आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी हैं का पहचान अजय उरांव (उम्र 35 वर्ष), पिता स्व. कैलिया उरांव, कमलेश उरांव (उम्र 23 वर्ष), पिता मनसे उरांव, विनय उरांव (उम्र 22 वर्ष), पिता बुधन उरांव उर्फ रुसा उरांव, चुरामन उरांव उर्फ छोटू उरांव (उम्र 21 वर्ष), पिता बुधन उरांव उर्फ रुसा उरांव, कुवर उरांव (उम्र 28 वर्ष), पिता बुधन उरांव उर्फ रुसा उरांव, मुकेश उरांव (उम्र 22 वर्ष), पिता मनसे उरांवसभी आरोपी बानपुर खुंटी टोला, थाना टंडवा, जिला चतरा के निवासी हैं।
आरोपियों के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना पिलास और लकड़ी का डंडा बरामद किया गया। छापामारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा, सह थाना प्रभारी अनिल उरांव, एएसआई अमित कुमार, दिलेश्वर कुमार, सुनिल कुमार सिंह, सौरभ कुमार और टंडवा थाना रिजर्व गार्ड शामिल थे। पुलिस ने बताया कि अनुसंधान जारी है और शेष अज्ञात आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980