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आवश्यकताओं का आंकलन कर सीएसआर गतिविधि करें कंपनियाः उपायुक्त

दिव्यांग केंद्र होगा स्थापित – सभी कंपनियां करें सहयोग, प्रभावित क्षेत्र के लोगों का हेल्थ कार्ड बनाएं।

जिले में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय – राजकीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में अहम भूमिका निभाएं कंपनियां, जिले के खिलाड़ियों को करें प्रेत्साहित।

दिव्यांगजनों को सीएसआर से मुहैया कराया जाएगा ई-साइकिल – ट्राई साइकिल व अन्य दिव्यांग उपकरण।

जिला सीएसआर से समन्वय स्थापित कर कंपनियां करें काम, पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का किया समीक्षा, वित्तीय वर्ष 25-26 के प्रस्तावित कार्यों की ली जानकारी।

बोकारो: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा ने की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की बैठक, दिया जरूरी दिशा निर्देश।

 

समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में गुरुवार को जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अजय नाथ झा ने किया। मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढांडा, प्रभारी पदाधिकारी सीएसआर शक्ति कुमार सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

 

बैठक में उपायुक्त ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में कंपनियों को और अधिक सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों का दायरा केवल परंपरागत कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कंपनियों को प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं का आंकलन कर योजनाएं तैयार करनी चाहिए, ताकि इन गतिविधियों का सीधा लाभ आमजन, विशेषकर कमजोर वर्गों तक पहुंचे।

 

दिव्यांग केंद्र की होगी स्थापना,कंपनियां करें पहल।

बैठक में दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि जिले में एक दिव्यांग केंद्र स्थापित किया जाएगा। जहां दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न सेवाएं और सहायक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के हेल्थ कार्ड बनवाने में कंपनियों को आगे आने को कहा, जिसमें व्यक्ति का सभी चिकित्सीय जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही, सीएसआर फंड से दिव्यांगजनों को ई-साइकिल, ट्राई साइकिल और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर बल दिया। कहा कि इस पहल से जिले के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

 

खेल प्रतिभाओं के विकास में निभाएं अहम भूमिका।

 

उपायुक्त ने कंपनियों से कहा कि वे जिले में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय और राजकीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय भूमिका निभाएं। आयोजनों के संचालन और प्रायोजन में कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। कंपनियां स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए प्रशिक्षण व संसाधनों की व्यवस्था करने में सहयोग करें। उपायुक्त ने कहा कि खेल न केवल स्वास्थ्य और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं बल्कि जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करते हैं। ऐसे में कंपनियों का योगदान महत्वपूर्ण है।

 

पिछले तीन वर्षों के सीएसआर कार्यों की समीक्षा।

 

बैठक में कंपनियों द्वारा पिछले तीन वर्षों में किए गए सीएसआर कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने कहा कि कंपनियों को चाहिए कि वे अपने कार्यों का प्रभावी दस्तावेज तैयार करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

 

जिला सीएसआर समिति से समन्वय आवश्यक।

 

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कंपनियां जिला सीएसआर समिति के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें। इससे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहेगी। साथ ही योजनाओं की प्राथमिकता तय करने और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि सीएसआर का उद्देश्य केवल खर्च दिखाना नहीं बल्कि समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करना है। जब कंपनियां प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगी तो जिले के विकास की गति दोगुनी होगी।

 

मेधावी छात्रों के लिए कोचिंग सुविधा मुहैया कराएं

 

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों के 15-15 मेधावी छात्रों को चिन्हित किया जाए और उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रशासनिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित कोचिंग और मार्गदर्शन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यह पहल छात्रों को शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल करने और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता पाने में मदद करेगी। उपायुक्त ने कंपनियों को इस गतिविधि में सक्रिय रूप से कार्य करने को कहा। कहा कि हमारे मेधावी छात्र हमारे देश – राज्य के भविष्य हैं। उन्हें सही संसाधन और मार्गदर्शन मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

 

इसके अलावा कंपनियों को शहर के विभिन्न चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण और मजबूती के लिए भी काम करने का निर्देश दिया। बैठक में सीसीएल कथारा, सीसीएल ढ़ोरी, सीसीएल करगली, ओएनजीसी, डालमिया सिमेंट के माहप्रबंधक/प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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