झारखंड/बोकारो: बोकारो के पूर्व विधायक और प्रख्यात मजदूर नेता मोहम्मद इजराइल अंसारी का नाम झारखंड की राजनीति और श्रमिक आंदोलन में एक विशेष स्थान रखता है। उनका निधन 22 सितंबर 2015 को रांची के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था, जिसके बाद उनके पैतृक गांव गोमिया विधानसभा क्षेत्र के झिरकी में शोक की लहर दौड़ गई थी। लगभग 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली, लेकिन उनके योगदान और मृदु स्वभाव ने उन्हें जनता के दिलों में अमर बना दिया।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
मो. इजराइल अंसारी का जन्म झारखंड के बोकारो जिले में हुआ था। उनका परिवार सादगी और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा, जिसने उनके जीवन को एक नई दिशा दी।
राजनीतिक सफर
इजराइल अंसारी बोकारो विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अथक प्रयास किए। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी बोकारो विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल करने का रिकॉर्ड बनाना। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग उन्हें एक मिलनसार और मददगार नेता के रूप में याद करते हैं।
मजदूर नेता के रूप में योगदान
इजराइल अंसारी न केवल एक राजनेता थे, बल्कि एक समर्पित मजदूर नेता भी थे। वे श्रमिक संगठन इंटक (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (सीसीएल रीजनल समिति) के अध्यक्ष रहे। कोयला खदानों में काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों और कल्याण के लिए उन्होंने कई आंदोलन किए और उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। मजदूरों के हितों के लिए उनकी लड़ाई ने उन्हें श्रमिक वर्ग के बीच एक मसीहा के रूप में स्थापित किया।
स्वास्थ्य और निधन
कुछ समय तक बीमारी से जूझने के बाद, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें रांची के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, 22 सितंबर 2015 को उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही बोकारो, बेरमो और पूरे झारखंड में शोक की लहर फैल गई। कई पूर्व मंत्री, विधायक, श्रमिक नेता और सीसीएल के अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
उपलब्धि
लोक सेवा समिति द्वारा 2017 में दिवगंत मो. इजरायल अंसारी के नीधन के बाद उन्हें झारखंड रत्न से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह मे उनकी पत्नी और उनके जेष्ठ पुत्र इसराफिल अंसारी पहुंचे थे।
विरासत
मो. इजराइल अंसारी का जीवन सादगी, समर्पण और सेवा का प्रतीक था। उनके निधन के बाद भी, उनके द्वारा किए गए कार्य और मजदूरों के लिए उनकी लड़ाई को आज भी याद किया जाता है। उनके गांव झिरकी में लोग उन्हें एक ऐसे नेता व अभिभावक के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने हमेशा जनता के हितों को प्राथमिकता दी।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980