ग्रामीणों के सहयोग से शव को लाया गया गांव,
गांव में पसरा मातम, परिजनों के चीख चीत्कार से माहौल गमगीन,
दो बेटियों की शादी में हुई कर्ज से उबरने के लिए बिहार कमाने गया था मृतक
हंटरगंज(चतरा): झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। चतरा जिला के हंटरगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जहां एक पिता चतरा जिला के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र के काशीकेवाल गांव निवासी रमन यादव के 45 वर्षीय पुत्र शीतल यादव अपनी दो बेटीयों की शादी में हुई कर्ज के बोझ से उबरने के लिए बिहार के कैमूर जिला के मोहनिया थाना क्षेत्र के मुठानी गांव दिल्ली- कोलकाता हाईवे के समीप राधाकृष्ण होटल में कुक का काम करने के लिय गया था। जहां से बुधवार अहले सुबह होटल मालिक ने परिजनों को बताया कि शीतल की मौत सड़क हादसे में हो गयी है। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद ग्रामीण मृतक का शव को लाने के लिए कैमूर निकल गए।पुलिस ने भभुआ सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाकर कागज़ी प्रकिया पूरा करने के बाद शव को ग्रामीणों को सौंप दी। इधर ग्रामीणों ने बुधवार देर शाम शव को पैतृक गांव काशीकेवाल लाया।शव पहुंचते ही परिजनों को करुण चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया।मृतक की पत्नी, दो पुत्र व एक पुत्री का रो-रोककर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि 5 वर्ष पूर्व दो बेटीयों की शादी में हुई कर्ज के बोझ से उबरने के लिए शीतल पांच वर्ष से ही मोहनिया के राधाकृष्ण होटल में कुक का काम करता आ रहा था। शव को लाने गए ग्रामीणों ने बताया कि शीतल होटल में सोया था तभी अचानक अनियंत्रित कंटेनर होटल में घुस गई। जिसके चपेट में आने से शीतल की मौत घटनास्थल पर हो गई।
सरकारी मुआवजा की मांग
मृतक की पत्नी ने बताया कि दो बेटियों के शादी के कर्ज में डूबे हुए थे।इसी लेकर मेरे पति कमाने गए थे। दो पुत्र एक पुत्री तीनों बच्चों सहित पत्नी ने बताया कि शीतल परिवार के इकलौते कमाने वाले शख्स थे। उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे नहीं पता कि कैसे गुजारा करूंगी। मैं सरकार से आग्रह करती हूं कि हमें सरकारी मुआवजा दिलाने में मदद करें।’
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
