तेनुघाट —- चांपी पंचायत के अंबाटोला से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आक्रोश रैली बोकारो में शामिल हुए। इस बारे में धनेश्वर मुर्मू ने कहा कि कुर्मी समाज झारखंड को खंडित करने का प्रयास कर रहा है उन लोगों का मांग गलत है और कहीं से भी उचित नहीं है। कुर्मी समाज को आदिवासी का दर्ज या आदिवासी समाज में शामिल करने का मतलब आदिवासियों का अस्तित्व पर हमला करने के बराबर है और यह आदिवासी समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। इस मुद्दे पर राज्य और भारत नहीं पूरे विश्व में आदिवासी एक है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
