झारखंड के गिरिडीह जिले के चर्चित धनवार छठ घाट सज धज कर तैयार है। वहीं कलाकार घाट को सजाने के लिए अंतिम रूप देने में लग गए हैं। गौर तलब है कि इस महत्वपूर्ण घाट सजाने की तैयारी पिछले करीब दो महीनों से की जा रही है। यहां पर विख्यात रांची और बंगाल से कलाकार पहुंचकर कार्य में जुटे हुए हैं। जिसमें दक्षिण भारत के कई मंदिरों के सीन तैयार किए गए है। जिसमें तिरुपति बालाजी मंदिर, सूर्य मंदिर साउथ के गुंबज, सात गुंबज के बने विशाल गेट, राजस्थान के चौकी ढाणी गांव के परिवेश काल्पनिक पहाड़ के ऊपर किला तरह तरह के आकर्षक देवी देवता देव गंधर्व, के हाथी घोड़ा सहित कई तरह से घाट की शोभा के लिए शिल्पकारी की जा रही है। रेगिस्तान के जहाज ऊंट बैठने और करवट बदलने की भी शिल्पकारी शामिल है। रांची के कलाकार अजय वर्मा ने बताया कि विगत पच्चीस सालों से राजा घाट में सूर्य उपासना के त्यौहार पर पहुंचकर सेवा दे रहे है और हर साल नए नए तरह की शिल्पकारी किए जाते है। यहां पर इस अवसर पर दो दिवसीय मेले लगते है और इसे देखने के लिए झारखंड, बिहार आदि राज्यों के लोग पहुंचकर आलौकिक दृश्य का आनंद लेते है। इस घाट पर पूरे शहर वासी एक जगह पहुंचकर भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करते है। इधर छठ कमिटी के सदस्य अनूप संथालिया, वीरेंद्र साव, छोटू राम, रॉबिन साव, दयानंद साव, गोपाल साव सहित पूरे धनवार वासियों का सहयोग होता है।

Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
