तेनुघाट — लोक आस्था का महान पर्व छठ के तीसरे दिन 27 अक्टूबर को बड़ी संख्या में वर्ती एवं श्रद्धालु अस्तलगामी सूर्य देव को अर्घ्य दिया। छठ व्रती पानी में डुबकी लगाकर भगवान भास्कर देव को अर्ध दिया और अपने तथा अपने परिवार के साथ आस पास के तमाम जनों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर छठ पर्व का जश्न चारों ओर देखते ही बन रहा था। छठ घाट को आकर्षक तरीके से सजाया गया था, जिसे देखकर छठ व्रती एवं श्रद्धालुओं का मन प्रफुल्लित हो गया। छठ घाट पर छठ पूजा समिति एवं अन्य कई श्रद्धालुओं द्वारा फल का वितरण किया गया। इस दौरान छठ गीतों से तेनुघाट और आसपास का हर गली, मोहल्ला, चौक-चौराहा गुंजायमान रहा। क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों, छठ घाट तथा पूजा समितियों द्वारा छठ व्रतियों के घरों में छठ मईया के गीत गुंजता रहा। जिसमें कांच ही बांस के बहंगी, बहंगी चलकत जाए.., मारबो रे सुगवा धनुष से.. सहित कई कर्णप्रिय गीतों से क्षेत्र में भक्ति रस घुल रहा था। इस अवसर पर छठ पर्व को लेकर तेनुघाट और आसपास के बाजार में फलों की खरीदारी श्रद्धालुओं ने किया। प्रशासन के अधिकारीयों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों व् छठ कमिटी के सदस्य ने छठ व्रतियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसका ख्याल रखा गया था। लोक आस्था का छठा महा पर्व के अवसर पर बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा अपने सब परिवार संग एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह अपनी पत्नी संग़ भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया। तेनुघाट छठ घाट पूजा समिति की ओर से नारियल, केला, सेव, दूध, अगरबत्ती आदि फल का वितरण छठ घाट पर सभी डाला ले जा रहे छत व्रतियों को किया गया । घाट पर भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित कर धूम धाम, हर्षोल्लास के साथ पूजा अर्चना किया गया। तेनुघाट ओपी प्रभारी छटन महतो अपने दल बल के साथ विधी व्यवस्था कायम रखने के लिए घाट पर उपस्थित थे। इस मौके पर तेनुघाट पंचायत मुखिया प्रतिनिधि संतोष श्रीवास्तव, देवनन्दन प्रसाद, तेज नारायण तिवारी, बीरेंद्र प्रसाद, निशु सिन्हा, मुकेश कुमार, घनश्याम यादव, पप्पू यादव, चंद्रिका यादव, मंटू यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
