बोकारो: झारखंड पुलिस ने फर्जी पहचान पत्रों के सहारे खुद को केंद्रीय सुरक्षा बलों का अधिकारी बताकर लोगों को डराने-धमकाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 16 दिसंबर 2025 को यातायात थाना क्षेत्र के नया मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान की गई।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बोकारो से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिनांक 16/12/2025 को करीब 3:30 बजे यातायात थाना के पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक ओशो प्रदीप अपनी टीम के साथ वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान प्लसर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर JH-09AG-7432) पर सवार एक व्यक्ति को बिना हेलमेट के पकड़ा गया।
जांच के दौरान युवक ने यातायात पुलिस को धमकाते हुए खुद को CRPF का सहायक कमाण्डेंट बताया और कहा कि वह वर्तमान में सुकमा (छत्तीसगढ़) में पदस्थापित है। पहचान पत्र मांगने पर उसने मोबाइल में संतोष कुमार, सहायक कमाण्डेंट, CRPF का आईडी कार्ड दिखाया। हालांकि पुलिस को संदेह हुआ क्योंकि पहचान पत्र में लगी तस्वीर मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति से मेल नहीं खा रही थी।

इसके बाद पुलिस ने युवक के मोबाइल की गहन जांच की, जिसमें दो और फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए—
एक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के नाम से असीम कुमार सिंह का आईडी कार्ड और दूसरा CRPF हवलदार संदीप कुमार के नाम का पहचान पत्र।
सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने स्वीकार किया कि वह इन फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर लोगों और पुलिस को डराकर अपना काम निकालता था। उसने अपना वास्तविक नाम अश्विनी कुमार ठाकुर, पिता स्वर्गीय हीरालाल ठाकुर, निवासी क्वार्टर नंबर J/186, HECL जोशी कॉलोनी, थाना बीएस सिटी, जिला बोकारो बताया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि वह पूर्व में भी फर्जी पहचान पत्र दिखाकर पुलिसकर्मियों को धमका चुका है।
इस मामले में बीएस सिटी थाना कांड संख्या 266/25, दिनांक 16.12.2025 को धारा 132/319(2)/318(2)/336(3) बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बरामद सामान:
1. नीले रंग की प्लसर मोटरसाइकिल (JH-09AG-7432)
2. आसमानी रंग का वीवो मोबाइल फोन
3. संतोष कुमार के नाम से CRPF सहायक कमाण्डेंट का पहचान पत्र
4. संदीप कुमार के नाम से CRPF हवलदार का पहचान पत्र
5. असीम कुमार सिंह के नाम से NSG रेंजर पद का पहचान पत्र
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना से सुरक्षा एजेंसियों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर पुलिस की सख्ती साफ झलकती है।
ब्यूरो मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
