बड़कागांव (हजारीबाग)। बड़कागांव प्रखंड के लुरुंगा में संचालित एक अवैध कोयला खदान में बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ कोयले का चाल (खदान की छत) धंसने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिबू बेदिया और सुखदेव गंझू के रूप में की गई है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मामले को दबाने और शवों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिशें तेज हैं।
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इस गंभीर हादसे के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जब बड़कागांव थाना प्रभारी से इस विषय में पूछा गया, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि लुरुंगा उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं, बल्कि उरीमारी थाना क्षेत्र (OP) में आता है।
दूसरी तरफ, जब इस संबंध में उरीमारी ओपी प्रभारी से उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। पूरे मामले पर प्रशासन का यह मौन रवैया कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे, नहीं चेता प्रशासन
बड़कागांव और इसके आस-पास के क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण जान गंवाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सुरक्षा व्यवस्था और कानून की धज्जियां उड़ाते हुए कई हादसे हो चुके हैं:
- राउतपारा: हाल ही में यहाँ भी चाल धंसने से एक मजदूर की मौत हुई थी।
- चानो: इस क्षेत्र में अलग-अलग हादसों में तीन मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं।
गंभीर सवाल: लगातार हो रही इन मौतों के बावजूद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है। बार-बार होते हादसों और प्रशासनिक शिथिलता ने अब स्थानीय कानून-व्यवस्था, खनन सुरक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
