बगोदर: बाल विवाह जैसी सामाजिक अपराध के उन्मूलन तथा बालिकाओं के अधिकारों और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बाल विवाह रोकथाम में हितधारकों की अहम भूमिका विषय पर जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन सरिया कॉलेज, सरिया में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर एवं पौधे में पानी देकर किया गया।यह आयोजन शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें समाज एवं बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में शिक्षकों की भूमिका पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में बगोदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं सरिया कॉलेज के प्राचार्य,प्रो. अर्जुन कुमार एवं प्रोफेसर डॉ संतोष कुमार तथा बालिका उच्च विद्यालय के प्राचार्य मुकेश कुमार एवं शिक्षक गौतम कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, युवाओं, शिक्षकों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लेकर बाल विवाह के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि अपराध है यह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के अधिकार को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए केवल सरकार या प्रशासन की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, विद्यालय, पुलिस, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, युवा और समुदाय के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम में बनवासी विकास आश्रम के प्रतिनिधि उत्तम कुमार ने कहा कि 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र में विवाह और जबरन विवाह को खत्म करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया जाना बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस अवसर पर सभी हितधारकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय उन सभी हितधारकों को जाता है, जिन्होंने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी कर अभियान को आगे बढ़ाया और इसे सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों, **बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006**, बाल संरक्षण व्यवस्था तथा बाल विवाह की सूचना मिलने पर की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शिक्षा के अधिकार को बाधित करता है तथा कम उम्र में विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य, मानसिक विकास और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रो. अर्जुन कुमार ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समुदाय आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत करना, बालिकाओं की शिक्षा को जारी रखना तथा बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है। पुलिस एवं प्रशासन की भूमिका के साथ-साथ समाज के जागरूक नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने, बाल विवाह की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित करने तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार दिलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम ने बाल विवाह रोकथाम में विभिन्न हितधारकों की साझा जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए समाज में जागरूकता और सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया।
कार्यक्रम में संस्था के सामुदायिक कार्यकर्ता भागीरथी देवी,रूपा कुमारी, उत्तम कुमार, कालेज के शिक्षकों की तथा छोटेलाल यादव, प्रखंड समन्वयक, एसोसिएशन फॉर वोलियंटरी एक्शन की भूमिका सराहनीय रही।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
