Bermo: बेरमो अनुमंडल के तेनुघाट स्थित अनुमंडलीय उपकारा में बंद बंदी मोहम्मद औरंगजेब की मौत बोकारो सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई. औरंगजेब गैंगस्टर प्रिंस खान के लिए काम करता था. तेनुघाट जेल के जेलर नीरज कुमार ने बताया कि मोहम्मद औरंगजेब को धनबाद से प्रशासनिक आधार पर तेनुघाट जेल भेजा गया था, और उसे आर्म्स एक्ट के एक मामले में छह वर्ष की सजा मिली थी, उसके खिलाफ अन्य मामले भी चल रहे थे. 16 अगस्त को उसके पेट में अचानक जोर का दर्द होने पर उसे जेल के अंदर अस्पताल में डॉक्टर शंभू कुमार द्वारा इलाज कराया गया और फिर उसे जेल के अस्पताल वार्ड में रखा गया. गुरुवार की सुबह अचानक उसके सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे बेरमो अनुमंडल अस्पताल तेनुघाट भेजा गया. वहां से बेहतर इलाज के लिए उसे बोकारो जनरल अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. डॉक्टर शंभू कुमार ने बताया कि मोहम्मद औरंगज़ेब 16 अगस्त से बीमार था और उसका इलाज चल रहा था. गुरुवार की सुबह जब उसे अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट लाया गया, तब वह बेहोश था, इसलिए उसे बोकारो जनरल अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टर ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह लगता है कि उसकी मृत्यु हार्ट अटैक के कारण हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही हो सकेगी.

