• नक्सली संगठन के नाम पर पत्र भेजा, पुलिस छानबीन में जुटी
बगोदर की खोंगिया नदी पर पुल बना रही रांची की उषा इंफ्राटेक कंस्ट्रक्शन कंपनी से लगातार लेवी की मांग की जा रही है। पहले भाकपा माओवादी संगठन के लेटरपैड पर पत्र भेजकर ठेकेदार से लेवी मांगी गई। बात नहीं बनी और एक अपराधी लेवी के चक्कर में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसी बीच बुधवार की देर रात को करीब डेढ़ दर्जन अपराधियों ने खुद को नक्सली बताकर निर्माण स्थल पर धावा बोला। जहां साइट इंचार्ज, एक महिला समेत अन्य कर्मियों की पिटाई की। साइट इंचार्ज की पीठ पर रॉड से भी वार किया। यहां मजदूरों से 7 मोबाइल भी छीना गया। एक घंटे तक कंपनी के साइट पर हंगामा बरपाया।
घटना में नाइट गार्ड नीलकंठ महतो घायल है। इधर, घटना के बाद मजदूरों में दहशत का माहौल है। साथ ही लेवी नहीं मिलने व जेल भेजे गए युवक को बेल नहीं होने तक काम बंद रखने कहा है। समूह में 20 से अधिक लोग पुलिस वर्दी में हथियार से लैस थे। हालांकि पुलिस इसे न तो भाकपा माओवादी नक्सली मान रही है और न ही एनएसपीएम संगठन का सदस्य। बल्कि कुछ नए सिरफिरों का गुट मानी जा रही है, जो नक्सली संगठन के नाम पर उगाही का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि घटना के बाद ठेकेदार जीतेंद्र शुक्ला ने रात 12 बजे ही घटना की सूचना बगोदर पुलिस को दे दी। पुलिस भी सुबह स्थल पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया व घायलों को इलाज कराया।
