केबी बोकारो थर्मल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया गया
पर्व त्योहार होने से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलता है,,,, प्राचार्य

बेरमो अनुमंडल अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। सर्वप्रथम विद्यालय के प्राचार्य डॉ बी आर डे ने दीप प्रज्वलित कर व मॉं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। तत्पश्चात् विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते सबका मन मोह लिया। वहीं प्राथमिक खंड की बालिका अंजलि मिश्रा ने राधा रानी के स्वरूप में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। तदुपरांत बाल वाटिका के विद्यार्थियों ने राधाकृष्ण के स्वरूप की झांकी प्रस्तुत की। इसके बाद विद्यालय के हिन्दी शिक्षक मोहम्मद इमरान ने रसखान के सवैये के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्त के अनन्य प्रेम पर प्रकाश डाला। इसके बाद प्राथमिक खंड की बालिकाओं ने गोपियों के बाल स्वरूप में नृत्य करके श्री कृष्ण जी के प्रति अपने अनन्य प्रेम को अभिव्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ बी आर डे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के पर्व त्योहार होने से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलता है। भगवान श्री कृष्ण का जीवन हम सबके लिए आदर्श है, उनके द्वारा श्रीमद्भागवत गीता में दिए गए जीवन दर्शन को हम सबको अपनाकर उससे लाभान्वित होना चाहिए। श्री कृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि एक अच्छा पुत्र, सच्चा मित्र, श्रेष्ठ जीवनसाथी कैसा बना जा सकता है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज और राष्ट्र के प्रति हमें अपनी ज़िम्मेदारियों को भली भाँति निभाना चाहिए।
डॉ डे ने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि वह विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ साथ नवीन जानकारी से समय समय पर अवगत कराते रहें।जिससे विद्यार्थियों का समुचित व सर्वांगीण विकास हो सके और वह राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन सारिका रानी, समन्वय विभा रानी श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती राजश्री सिंह ने किया। मौके पर विद्यालय के शिक्षक डॉ वी एन सिंह, राकेश पाठक, शशि रंजन, पूनम तिर्की, मनोज कुमार, सुषमा लुगुन, सोनिया कर्ण और प्रभात कुमार समेत सभी कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बेरमो संवाददाता राजेश सागर की रिपोर्ट,
