बेरमो अनुमंडल अंतर्गत फुसरो स्थित दामोदर नदी में छलांग लगाने वाली एक 29 वर्षीय युवती का शव लगभग 52 घंटे बाद भंडारीदह नदी तट से बरामद किया गया। शव की खोज में बोकारो पुलिस द्वारा गोताखोरो की मदद ली जा रही थी।बताते चले बीते 29 अगस्त को बोकारो के चास स्थित कुंवर सिंह कॉलोनी से आई श्वेता कुमारी ने फुसरो स्थित हिंदुस्तान पूल से दामोदर नदी में छलांग लगा दी थी, जिसके बाद वह पानी के तेज बहाव के कारण बह गई थी।
शव को खोजने के लिए बेरमो पुलिस ने 10 गोताखोरों की टीम लगाई थी, जो लगातार खोज अभियान में जुटी रही। आखिरकार 31 अगस्त की शाम को गोताखोरों को सफलता मिली, जब चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के भंडारीदह स्थित नए पूल के पास युवती का शव बरामद किया गया l
मृतका के पिता अजय बरनवाल ने बताया कि श्वेता उनकी सबसे छोटी बेटी थी। बताया कि बीते 29 अगस्त को पूरे परिवार के साथ साईं मंदिर जाने की योजना थी। हालांकि, श्वेता ने अकेले स्कूटी से मंदिर जाने की बात कही थी और इसके बाद वह मंदिर न जाकर फुसरो पहुंच गई। जहां उसने यह दुखद कदम उठाया।स्कूटी से आई थी फुसरो स्थित हिंदुस्तान पुल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती बोकारो की ओर से फुसरो स्थित हिंदुस्तान पुल पर स्कूटी से आई थी। उसके बाद चाबी लगी स्कूटी पुल पर खड़ी कर वह उसी स्कूटी पर ही चुपचाप बैठ गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तब देखा था, लेकिन कुछ भी पूछताछ नहीं की थी। क्योंकि लोगों को लग रहा था कि कुछ देर आराम करने के लिए वह पुल पर रुकी थी, लेकिन इसके विपरीत उसने कुछ देर बाद ही पुल से नीचे दामोदर नदी में छलांग लगा दी थी। तब देखते ही देखते वह नदी कि उफनती जलधारा में समाकर बह गई थी। वहां उपस्थित लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया था। शव को खोजने में गोताखोरों की टीम में अनिल रविदास, जलाल अंसारी, शाहिद अंसारी, मुकेश नायक, नूर अहमद, श्रमद अंसारी, विकास कुमार, हैदर अंसारी और जिब्राइल अली शामिल थे। शव की तलाश में युवा व्यवसायी संघ फुसरो के अध्यक्ष वैभव चौरसिया, विनय बरनवाल, युवा संघ के सदस्यों का भी विशेष योगदान रहा।सवाल ये है की श्वेता ने क्यों ऐसा कदम उठाया? खबर लिखें जाने तक जानकारी नहीं मिली है l
बेरमो संवाददाता राजेश सागर की रिपोर्ट,
