बेरमो: केन्द्रीय विद्यालय संगठन के निर्देशानुसार केन्द्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल में 7 दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप 2025 का आयोजन किया गया lइस समर कैंप में कक्षा 1-8 तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया और उर्दू एवं खोरठा भाषा की लिपि, शब्द एवं संस्कृति को सीखा।
समापन समारोह में केन्द्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल के प्राचार्य डॉ बी आर डे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और कहा कि भारत की भाषाई विविधता हमारी सबसे बड़ी सांस्कृतिक पूंजी है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे शिविर न केवल भाषा-ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
समर कैंप में उर्दू एवं खोरठा भाषाओं पर केंद्रित गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने भाषाई खेल, नाट्य प्रस्तुतियाँ, लोकगीत, कविता पाठ, लघु भाषण, और पारंपरिक व्यंजन बनाने जैसी रचनात्मक कार्यशालाओं के माध्यम से भारतीय भाषाओं के सौंदर्य और प्रायोगिक पक्ष से रूबरू हुए।
इस अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। समापन समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उर्दू एवं खोरठा भाषाओं के गीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से भारत की भाषाई एकता का सुंदर चित्र प्रस्तुत किया।
केन्द्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल के प्राचार्य डॉ बी आर डे ने बताया कि यह शिविर आने वाले वर्षों में और भी व्यापक रूप में आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग भारतीय भाषाओं की गरिमा और महत्ता को समझ सकें।
राजेश सागर की रिपोर्ट,
