चतरा जिले के इटखोरी स्थित एयरोसॉफ्ट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में एक दिवसीय प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
इस प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 80 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिनमें से 32 प्रतिभाशाली युवाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न कंपनियों से ऑफर लेटर प्राप्त हुए। यह पूरा आयोजन झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी (JSDMS) के नियमानुसार पोर्टल पर निर्धारित योजना के तहत किया गया।
रोजगार के नए द्वार खुले
मल्टी स्किल टेक्नीशियन ट्रेड के प्रशिक्षुओं को एब्सोल्यूट बारबेक्यू प्राइवेट लिमिटेड में प्लेसमेंट का अवसर मिला। इस अवसर पर कंपनी से श्री राजीब शो उपस्थित रहे, जिन्होंने कंपनी की कार्य संरचना, वेतन और विकास के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे प्लेसमेंट ड्राइव युवाओं को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।
महिला सशक्तिकरण की ओर कदम
आर.के. एक्सपोर्ट्स से श्री शिवा ने सैंपलिंग टेलर ट्रेड की महिला प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कौशल आधारित शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और वे घरेलू सीमाओं से निकलकर औद्योगिक दुनिया में अपनी पहचान बना सकती हैं।
JSDMS की भूमिका और माइग्रेशन सपोर्ट
कार्यक्रम में झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी की ओर से श्री संतोष चौधरी (UNDP) उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षुओं को JSDMS की विभिन्न योजनाओं, विशेष रूप से माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य से बाहर जाकर कार्य करने वाले युवाओं को सुरक्षा, रोजगार अधिकार और सामाजिक संरक्षण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
हुनर और रोजगार को जोड़ता कार्यक्रम
इस अवसर पर एयरोसॉफ्ट हेल्थकेयर के निदेशक श्री विनय कुमार ने कहा कि, “झारखंड सरकार की यह योजना राज्य के युवाओं के लिए मील का पत्थर बन रही है। केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं, जब तक आपके पास हुनर नहीं है, तब तक जीवन अधूरा है। हमें अपने युवाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाना होगा।”
कार्यक्रम का संचालन केंद्र प्रबंधक श्री ओम प्रकाश भारती ने कुशलता से किया।
यह प्लेसमेंट ड्राइव न सिर्फ रोजगार के अवसरों का द्वार खोलता है, बल्कि यह राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और सामाजिक विकास की ओर प्रेरित करता है।
