टंडवा (चतरा) पोकला उर्फ कड़ियाडीह पंचायत क्षेत्र की आंगनबाड़ी की हालत खस्ता है। प्रत्येक वर्ष बारिश होने पर आंगनबाड़ी केंद्र में पानी चुना आम बात है वही दूसरी आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर भवन टूटने की कगार पर है, जिससे आंगनबाड़ी में पढ़ने आने वाले बच्चों पर जान का खतरा देख माता पिता आंगनवाड़ी नहीं भेजते हैं। इसी के कारण अभिभावक अपने बच्चों को केन्द्र पर भेजने से डर रहे हैं। जिसके कारण एक आंगनबाड़ी बंद पड़ा हुआ है। पोकला गाँव में आंगनवाड़ी भवन बारिश होने से पानी टिपके रहती है, और उसी में संचालित की जा रही है।
पोकला में जर्जर भवन में संचालित हो रही आंगनबाड़ी, दूसरा आंगनवाड़ी भवन कड़ियाडीह में बंद पड़ा।
पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के मुखिया सरिता देवी ने बताई की आंगनबाड़ी केंद्र भवन की स्थिति देख अधिकारियों को अवगत कराया गया है परंतु इस पर बनाने को लेकर कोई पहल अब तक नहीं किया गया है।
पूर्व उप मुखिया सह समाजसेवी रामअवतार राम ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 088 का भवन जर्जर हो चुका है। कई वर्ष पहले बने इस भवन की दीवारों में मोटी-मोटी दरारें आ गई है,छत कमजोर हो गई है जो ध्वस्त होने के कगार पर है। बारिश के कारण तथा पहले से आंगनबाड़ी भवन बंद पड़ा हुआ है। और पोकला गांव के आंगनवाड़ी में पानी टपक रहा है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चे पोकला आंगनवाड़ी केंद्र में गीले में पढ़ने को मजबूर हैं। पोकला गाँव के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि बारिश के मौसम में इसकी हालत और भी खराब हो गई है। ऐसी हालत में केन्द्र का सुचारू रूप से संचालन एवं क्रियान्वयन करना कार्यकर्ता एवं सहायिका की मजबूरी बन गया है।
