दीक्षांत समारोह के दौरान महामहिम ने छात्रों को किया संबोधित
देवघर: एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेरा परम् सौभाग्य है की भगवान शंकर की असीम अनुकम्पा से श्रावण मास में मुझे यहां आने का मौका मिला,इस धरती को नमन करती हूं।इस पावन धरती पर ज्योतिर्लिंग भी है और शक्ति भी है।शिव और शक्ति दोनों के आशीर्वाद से इस पवित्र धरती को मैं नमन करती हूं।
यह दीक्षांत समारोह परंपरागत श्रावणी मेला के दौरान आयोजित किया गया है,यह कहा जा सकता है, हम सभी के ऊपर शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद बना हुआ है।बाबा बासुकीनाथ और बाबा बैद्यनाथ की कृपा की धारा बह रही है।एम्स देवघर के साथ मेरी विशेष विशेष स्मृति जुड़ी हुई है।
वहीं महामहिम ने एम्स के शिलान्यास के दिन को याद करते हुए कहा कि देवघर एम्स का शिलान्यास 25 मई 2018 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंदरी से किया था, उस वक्त मुझे भी झारखण्ड के राज्यपाल के रूप में उपस्थित होनें का मौका मिला था। 
आज एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में भाग लेने का अवसर भी मुझे मिला है इस प्रकार देवघर एम्स के विकास की यात्रा में मेरा भी विशेष संबंध जुड़ गया है।झारखंड एम्स की उन्नति को देखकर विशेष प्रसन्नता हो रही है।
वहीं मौके पर महामहिम ने पूर्व और वर्तमान के एम्स के कर्मी और अधिकारियों को बधाई दिया,महा महिम ने कहा कि आज एम्स की प्रथम दीक्षांत समारोह के साथ-साथ डॉक्टर ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ हो रहा है यह बहुत खुशी की बात है।वहीं उन्होंने पूरी टीम को शुभकामनाएं दिया।
महामहिम ने दीक्षांत समारोह के दौरान लड़कियों की संख्या को देखकर काफी खुश हुईं और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि
यहां से पढ़कर निकलने वाले छात्र एक कुशल और अच्छा डॉक्टर बनें,मरीज के साथ आपका व्यवहार नम्रता और सहानुभूति वाला रहे,साथ ही उन्होंने सारे बच्चों के अभिभावकों और शुभ चिंतकों को बधाई भी दिया।
याकूब अंसारी की रिपोर्ट,
