अम्रपाली प्रबंधन वन भूमि पर नौकरी का झांसा देकर अतिक्रमण करने का गंभीर आरोप
टंडवा(चतरा) क्षेत्र के सेरनदाग के वन भूमि पर फर्जीवाड़ा कर के ग्रामीणों को गुमराह करने वाले अम्रपाली में वर्षो से जमे अधिकारी अब सरादु के वन भूमि पर नौकरी का झांसा देकर अतिक्रमण करने के भनक लगते ही ग्रामीणों ने खदेड़ दिया है। सरादु के ग्रामीणों सुबोध सिंह, अशोक राम, बिजय सिंह, समीम मियां, राजेन्द्र राम, बिक्रम बलराम कैलास अमृत महतो सहित दर्जनों में कहा की आम्रपाली के एक जालसाज अधिकारी सरादु के जंगलों में अतिक्रमण कर उजाड़ने का मन पाले हुए हैं। जिसको लेकर गांव के गिने चुने दलालों के माध्यम से वन भूमि पर नौकरी का झांसा देकर हाई टेंशन पोल गाड़ने का प्रयास करने आए थे। जिसे ग्रामीणों को भनक लगते भाग निकले। ग्रामीणों ने बताया चतरा डीएफओ कार्यालय पत्रांक 330 में वन भूमि पर किसी कार्य का एनओसी नहीं होने का लेटर जारी किया है। जंगलों में गुपचुप तरीके से किए गए कार्य पर भी आम्रपाली के दो अधिकार और कंपनी पर भी वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज वन विभाग ने किया है। इसके बाद भी गुपचुप तरीके से कार्य करने को लेकर वन भूमि पर नौकरी का झांसा देकर आम्रपाली के अधिकारी सक्रिय हुए हैं। जिसको लेकर सरादु के दर्जनों ग्रामीणों का एक दल चतरा उपायुक्त से मिलकर शिकायत कर कार्रवाई का मांग करने की बात कही है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि सरादु भूमि भूमि अम्रपाली के ना ही अधिग्रहण है ना ही इसका क्षेत्र है। फिर भी वन भूमि पर नौकरी का झांसा देखकर फर्जीवाड़ा करने को लेकर करोड़ों रुपया का मनी लॉन्ड्रिंग का सूचना है। डैमेज कंट्रोल के लिए टेंडर रेट से अधिक दिलाया गया है।
