चतरा पत्थलगड़ा प्रखंड क्षेत्र के ग्राम सिंघानी स्थित छठ घाट नदी को लेकर शुक्रवार को भारी हंगामे और अराजक स्थिति का माहौल बन गया था । मामला छठ घाट पर कथित अतिक्रमण से जुड़ा हुआ है, जिस पर पत्थलगड़ा अंचलाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी उदल राम के निर्देश पर राजस्व टीम द्वारा मापी (नपाई) का कार्य किया जा रहा था। जैसे ही सरकारी राजस्व कर्मचारी तथा भूमापक अमीन सिंघानी छठ घाट पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कुछ दबंगों ने मापी का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने न केवल सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, बल्कि मौके पर उपस्थित सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार भी किया। यही नहीं, वहां मौजूद पत्रकारों को भी गाली-गलौज कर धमकी दी गई और मोबाइल फोन तोड़ने की धमकी तक दी गई, जो प्रेस स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
इस पूरे घटनाक्रम में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख रूप से संतोष दांगी पिता प्रीतम महतो, संजय दांगी पिता: महावीर महतो, कृष्णा दांगी और संतोष दांगी दोनों पिता: बैजनाथ महतो वगैराहै शामिल हैं। इन सभी पर दबंगई दिखाने,सरकारी कार्य में व्यवधान डालने, सरकारी कर्मियों और ग्रामीणों के साथ बदसलूकी करने तथा पत्रकारों को धमकाने के गंभीर आरोप हैं।
घटना से आक्रोशित होकर सिंघानी गांव के ग्रामीणों ने एकजुट होकर अंचलाधिकारी उदल राम से मुलाकात की और लिखित आवेदन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि छठ घाट आम जनमानस की आस्था से जुड़ा स्थान है, और इस पर अतिक्रमण कर कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं। इस मामले में अंचलाधिकारी उदल राम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी कार्य बाधा डालने वालों को किसी भी हाल में बक्सा नहीं जाएगा सभी दोस्तों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा और थाने में प्राथमिक दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता के हितों की रक्षा करना है, और किसी भी तरह की दबंगई या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि सिंघानी छठ घाट वर्षों से छठ पूजा और अन्य धार्मिक आयोजनों का प्रमुख स्थल रहा है। यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु छठ महापर्व के दौरान एकत्र होते हैं। ऐसे में घाट पर अतिक्रमण की कोशिश न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन दबंगों के खिलाफ कब और कैसी कार्रवाई करता है।
