बेरमो /डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में शिक्षकों के दो दिवसीय ‘क्षमता संवर्धन कार्यशाला’ का समापन 12 अक्टूबर दिन रविवार को हुआ। इस समापन समारोह के मुख्य अतिथि सीसीएल स्वांग के परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार तिवारी थे। मुख्य अतिथि का स्वागत भारतीय परंपरा केअनुसार तिलक एवं वैदिक मंत्रोच्चारण से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने अतिथि के स्वागत में एक मधुर स्वागत गान भी प्रस्तुत किया। विभिन्न विषयों के शिक्षकों ने अपने इन दो दिनों के अनुभवों को भी साझा किया। सबने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस कार्यशाला से वे बहुत सारी नई तकनीके सीख कर जा रहे हैं जो उनकी कक्षा को प्रभावी बनाएंगे। इस अवसर पर संगीत विभाग के सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं ने मिलकर एक सुमधुर गीत माला प्रस्तुत की। वही ‘कला विभाग’ के सदस्यों ने कार्यशाला में बनाए गए चित्रों का प्रदर्शन भी किया। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों के शिक्षा रूपी हथियार को धार देने का काम करती है। यहां से शिक्षा के लिए सिपाही सृजनशीलता का गुण सीखते हैं। वे शिक्षक ही हैं जो समाज के हर तबके का निर्माण करते हैं – एक चपरासी हो या एक उच्च पद पर आसीन प्रशासनिक अधिकारी। एक सुदृढ़ समाज और राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है,अतः उन्हें पूर्ण समर्पण के भाव से अपने इस कर्तव्य का पालन करना चाहिए। मुख्य अतिथि ने कहा कि आज भी जब मैं किसी विद्यालय के पास से गुजरता हूं तो मुझे अपना बचपन याद आ जाता है और बरबस ही मेरे हाथ उस स्थान को नमन करने के लिए उठ जाते हैं। शिक्षक हमेशा से वंदनीय है और रहेंगे हम सबको इनका विशेष सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी सह डीएवी कथारा के प्राचार्यडॉ. जी.एन. खान, डीएवी स्वांग की प्राचार्या डोलन चंपा बनर्जी, डीएवी तेनुघाट की प्राचार्य स्तुति सिन्हा, डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तापस बनर्जी, डीएवी ढोरी के प्राचार्य अमिताव दास गुप्ता, डीएवी भंडारीदह के प्राचार्य रितेश कुमार सिंह, डीएवी दुग्दा के प्राचार्य पीके पॉल उपस्थित थे। इन सभी प्राचार्यों ने मिलकर मुख्य अतिथि को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। समारोह का धन्यवाद ज्ञापन डीएवी स्वांग की प्राचार्या डोलन चंपा बनर्जी ने किया। अंत में समारोह का समापन शांति पाठ के साथ किया गया। इस समस्त समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बेरमो संवाददाता राजेश सागर की रिपोर्ट,
