गिरिडीह — मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा मुसाबनी की सभा में व्यापारियों के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयान के विरोध में गिरिडीह के टावर चौक पर व्यापारिक समुदाय ने जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।

इस अवसर पर उपस्थित व्यापारिक प्रतिनिधियों — शुभम केशरी, श्रेयांश सिन्हा, रामपुनीत सिंह, संदीप डंगाइच, मुकेश जालान, दिनेश यादव, नवीन सिन्हा, हरमिंदर सिंह बग्गा तथा शाहिल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान “व्यापारी पहले पैर पकड़ते हैं और बाद में गला पकड़ते हैं” न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि पूरे व्यापारी वर्ग के सम्मान पर चोट करने वाला है।
व्यापारियों ने कहा कि झारखंड के व्यापारी सदैव राज्य के विकास, रोज़गार और समाजसेवा में अग्रणी रहे हैं। चाहे कोरोना काल की कठिन परिस्थितियाँ रही हों या आर्थिक चुनौतियाँ, व्यापारी वर्ग ने हमेशा सरकार और समाज के साथ खड़े होकर योगदान दिया है।
वक्ताओं ने कहा कि सत्ता के अहंकार में दिया गया ऐसा बयान मुख्यमंत्री की मानसिकता को दर्शाता है और झारखंड के मेहनती, ईमानदार व समाजसेवी व्यापारियों का अपमान है।
व्यापारी समुदाय ने मांग की कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को अपने शब्दों के लिए तुरंत व्यापारी समाज से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र माफी नहीं मांगी गई, तो झारखंड के व्यापारी वर्ग राज्यव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने एकजुट होकर कहा कि राज्य के विकास में व्यापारी वर्ग की भूमिका को कमतर आंकने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को जनता और व्यापारियों के सम्मान की रक्षा करनी चाहिए, न कि उन्हें नीचा दिखाने वाले बयान देने चाहिए।
