गिरिडीह — जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम तथा कस्तूरवा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय गिरिडीह के संयुक्त तत्वाधान में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को आगे बढ़ाने के लिए कैण्डल मार्च निकाला तथा दीप प्रज्वलित कर बाल विवाह के अपराध को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के वार्डन संध्या कुमारी ने उपस्थिति छात्राओं को बाल विवाह न करने का शपथ दिलवाया।
विदित हो कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन द्वारा पिछले कुछ वर्षो से चलाये जा रहे “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान को भारत सरकार ने राष्ट्र का अभियान के रूप में स्वीकार किया था और 27 नवम्बर 2024 को एक नए लोगो के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के मंत्री श्री मति अन्नपूर्णा देवी के द्वारा लॉन्च किया गया था। इस वर्ष 27 नवम्बर 2025 को अभियान का एक वर्ष पूरा कर लिया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को जन -जन तक पहुंचाने और बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु किये जा रहे प्रयासों को और गति देने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि 27 नवम्बर 2025 से 8 मार्च 2025 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित पर्देशों में 100 दिनों का थीम आधारित अभियान शुरू हुआ है। इस अभियान के समर्थन में कस्तूरवा परिवार ने कैण्डल मार्च का आयोजन किया और दीपोत्सव मनाया। कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय चैताडीह के सहायक शिक्षिका वंदना सिन्हा, लेखपाल पंकज पांडेय ने आयोजन में सहयोग किया।
वहीं गिरिडीह जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से जुडी स्थानीय स्वयं सेवी संस्था बनवासी विकास आश्रम, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सुरेश कुमार शक्ति ने कहा कि गिरिडीह जिला बाल विवाह मुक्त जिला बने इसके लिए सतत जागरूकता कार्यक्रम, शपथ कार्यक्रम आयोजन किया जाता रहा है। संध्या काल में ग्रामीणों, युवाओं, छात्र छात्राओं द्वारा कैण्डल मार्च, दीप प्रज्वलन किया जा रहा है।
कस्तूरबा विद्यालय के वार्डन संध्या कुमारी ने अभियान को और गति देने के लिए लोगो को बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया ताकि बाल विवाह जड़ से खत्म हो सके। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में बनवासी विकास आश्रम से जुड़े समुदाय स्तरीय कार्यकर्ता उत्तम कुमार, भागीरथी देवी, रूपा कुमारी, उत्तम सिंह, उज्जवल मिश्रा, राकेश कुमार, सुधा कुमारी इत्यादि सक्रिय रूप से तैयारी कर रहे है।
