गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के निर्देशानुसार आज जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में गिरिडीह शहर के व्यस्ततम इलाकों, बड़ा चौक एवं तिरंगा चौक में औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के मुख्य बिंदु:
निरीक्षण के दौरान टीम ने मिठाई दुकानों, राशन प्रतिष्ठानों और मसाला दुकानों की गहन जांच की। मुख्य रूप से:
- मसाला एवं चाय पत्ती विक्रेता: 05 प्रमुख विक्रेताओं के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच की गई।
- पैकेजिंग मानक: मसालों की पैकेजिंग पर फूड लाइसेंस नंबर और एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) की उपलब्धता की जांच की गई।
दोषियों पर जुर्माना और कड़ी हिदायत:
जांच के दौरान जिन दुकानों में अनियमितताएं और गंदगी पाई गई, उन पर मौके पर ही जुर्माना लगाया गया। साथ ही, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सभी संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
”खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में स्वच्छता बनाए रखनी होगी। बिना फूड लाइसेंस और बिना लेवल (एक्सपायरी डेट) के सामान बेचना कानूनन अपराध है।” — डॉ. राजा कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
7 दिनों का अल्टीमेटम:
निरीक्षण के दौरान कई दुकानदार बिना वैध लाइसेंस के व्यापार करते पाए गए। विभाग ने उन्हें 7 दिनों के अंदर फूड लाइसेंस बनवाने का नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, व्यापारियों को आदेश दिया गया है कि वे मसालों और अन्य खाद्य सामग्री की सही तरीके से पैकेजिंग करें और उस पर लाइसेंस नंबर व एक्सपायरी डेट अनिवार्य रूप से अंकित करें।
इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
