तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में महीनों से जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का ऐलान किया है।
लेबनान सीजफायर का असर
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि लेबनान में संघर्ष-विराम (Ceasefire) लागू होने के बाद सभी कमर्शियल जहाजों के लिए यह रास्ता खोल दिया गया है। हालांकि, उन्होंने एक चेतावनी भी दी है:
“यह फैसला स्थायी नहीं है। जहाजों को आवाजाही की यह छूट केवल तब तक रहेगी जब तक लेबनान में सीजफायर की अवधि प्रभावी है।”
डोनाल्ड ट्रंप ने की पुष्टि, जताया आभार
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान ने सभी तरह के जहाजों के लिए रास्ता खोलने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने इस कदम का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है, जिसे कूटनीतिक गलियारों में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों बंद हुआ था यह रास्ता? (पृष्ठभूमि)
तनाव की शुरुआत: 28 फरवरी 2026 को ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद स्थिति युद्ध जैसी हो गई थी।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: सुरक्षा और रणनीतिक दबाव बनाने के लिए ईरान ने इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी थी।
वैश्विक संकट: इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया था, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% से 25% तेल परिवहन इसी संकरे मार्ग से होता है।
