बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। पिण्ड्राजोरा थाने में तैनात थाना प्रभारी से लेकर आरक्षी (कॉन्स्टेबल) तक, कुल 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन पर एक युवती के अपहरण और हत्या के मामले में अभियुक्तों को लाभ पहुँचाने, भ्रष्टाचार और पेशेवर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बीते 24 जुलाई 2025 को खूँटाडीह निवासी रेखा देवी ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री, कुमारी पुष्पा महतो के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में पिण्ड्राजोरा थाना कांड संख्या-147/25 (धारा-140 (3) BNS) के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
शुरुआती जांच के लिए गठित SIT की टीम पर आरोप है कि उन्होंने अनुसंधान के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया। आरोप यहाँ तक हैं कि पुलिसकर्मियों ने अभियोजन पक्ष को कमजोर करने और अभियुक्तों को बचाने के उद्देश्य से कार्य किया।
SIT की नई टीम ने 24 घंटे में किया खुलासा
मामले की गंभीरता और पुलिस के संदेहास्पद आचरण को देखते हुए, पुलिस उपाधीक्षक (नगर) श्री आलोक रंजन के नेतृत्व में एक नई टीम का गठन किया गया। इस टीम ने महज एक दिन के भीतर कांड का उद्भेदन करते हुए मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने दिल दहला देने वाले साक्ष्य बरामद किए:
मृतिका के शव का कंकाल।
घटना के समय पहने हुए कपड़े।
हत्या में प्रयुक्त चाकू।
पार्टी, पैसा और गोपनीयता का उल्लंघन
जांच में यह भी सामने आया है कि पिण्ड्राजोरा थाने के पुलिसकर्मियों ने न केवल गोपनीयता भंग की, बल्कि अन्य सूत्रों के अनुसार अभियुक्तों को बचाने के लिए कथित तौर पर पैसे का लेन-देन किया और उनके साथ पार्टी भी की। इस व्यवहार से आम जनता के बीच पुलिस की छवि काफी धूमिल हुई है।
निलंबित पुलिसकर्मियों का विवरण
बोकारो पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाने के सभी 28 कर्मियों को ‘सामान्य जीवन यापन भत्ता’ पर निलंबित कर दिया है:
क्र० सं० पद का नाम संख्या
1. पुलिस अवर निरीक्षक (SI) 10
2. सहायक अवर निरीक्षक (ASI) 05
3. हवलदार 02
4. आरक्षी (Constable) 11
कुल 28
