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आओ खेले कोयला कोयला हम भी खाएं तुम भी खाओ काहे का झमेला

कोयले का अवैध भंडारण, ब्लैक डायमंड का काला कारोबार, अंधा तंत्र या नहीं देखने की विवशता और मजबूरी में एक्शन यह एक साथ दिखा कोयले के खिलाफ चलाए गए अभियान में। यह अभियान बोकारो जिला खनन कार्यालय की ओर से उपायुक्त के आदेश पर चलाया गया और कथारा क्षेत्र के बांध सामुदायिक भवन के पास बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध स्टॉक जप्त किया गया। खनन विभाग के निरीक्षक को कोई सूचना लगी फिर उन्होंने इस स्टॉक और काले कारोबार से अनजान कथारा पुलिस को इसकी सूचना दी और उसकी मदद लेकर बांध सामुदायिक भवन के सामने पहुंची खनन विभाग की टीम ने वहां पर कोयले का बनाए गए अवैध स्टॉक को जप्त कर सीसीएल को लगने वाली लाखों की चपत से बचा लिया। सबसे आश्चर्यजनक तो यह है की कथारा ओपी क्षेत्र में कोयल का अवैध स्टॉक कोई एकाध घंटे में जमा नहीं हुआ था बल्कि उसे कई दिनों से वहां बटोर जा रहा था और फिर उसे ट्रैकों पर लादकर काला बाजार में भेजने की तैयारी थी। इसी तरह के अवैध कोयले से बिहार उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पंजाब की कई मंडियां गुलजार हो रही हैं यह अलग बात है कि कोयला तस्करों की वजह से सीसीएल और कोयला कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। लेकिन सीसीएल को नुकसान देकर अपनी झोली भरने में लगे कोयला तस्करों को तंत्र के अंधेपन का या फिर ब्लैक डायमंड के ब्लैक कारोबार गोरख धंधा की ओर नजर नहीं फेरने की आवाज में मिलने वाला मोटा माल इस ओर नहीं देखने के लिए विवश करता रहा है और अपना सहयोग देता रहा है जिसकी वजह से सीसीएल के खदान लूट जा रहे हैं राष्ट्र को क्षति पहुंच रही है और राष्ट्र की संपत्ति जिस देश को आर्थिक औद्योगिक प्रगति मिल सकती थी वह काला बाजार में जाकर एक खास सिंडिकेट विशेष को फायदे में डाल रहा है। कल कोयले की तस्करी में संलिपत यह सिंडिकेट सीसीएल के भ्रष्ट और पुलिस के अंधे पन का लाभ लेकर बल्ले बल्ले कर रहा है। लेकिन कभी मजबूरी भी होती है जब संरक्षण देने वाले अंधे तंत्र को भी सिंडिकेट के खिलाफ एक्शन में उतरने की अनचाही मजबूरी से जूझना पड़ता है। कथारा के बांध सामुदायिक भवन के सामने खनन निरीक्षक सीताराम टुडू के अभियान के दौरान कथारा पुलिस भी आई और उसे यहां कोयले का अवैध भंडारण देखकर संभवत मन ही मन जरूर इसका अफसोस होगा कि जिला मुख्यालय में बैठे हुए 50 60 किलोमीटर दूर अधिकारी को यहां पर अवैध खनन की जानकारी मिलती है और उसकी आंखों के सामने ही कोयल की धुलाई गले का वैद्य स्टॉक और कोयले का काला बाजार चल रहा है और इससे वह अनजान है। बहरहाल बेरमो धनबाद और हजारीबाग के काले कोयले के कारोबार से बिहार और उत्तर प्रदेश के गुलजार होने वाली मंडियों से कनेक्ट रहने वाला कोयले का सिंडिकेट को जबर्दस्त झटका लगा जब बंद सामुदायिक भवन के सामने छापा मार कर बड़े पैमाने पर कोयले के स्टॉक को जप्त किया गया और फिर जप्त किए गए कोयला का स्टॉक सीसीएल को वापस लौटा दिया गया। खनन विभाग की टीम के सामने पुलिस को भी अपने क्षेत्र में कोयले के अवैध कारोबार को देखने का अवसर मिला या वह भी देखने की मजबूरी में फंस गई नाथ केवल देखने की मजबूरी हुई बल्कि उसे सिंडिकेट के खिलाफ एक्शन पर भी उतरना पड़ा जिसकी करगुजारियों को पुलिस देखने की वजाय अंधा बनी हुई थी। अब पुलिस कोयले के काले कारोबार वालों के खिलाफ खनन विभाग की टीम का सहयोग करते हुए अवैध कोयले का स्टॉक जप्त किया है और यह दावा किया है कि कोयल का काला कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा और एक छटाक कोयला भी अवैध तरीके से ना तो बटोरने दिया जाएगा, ना ढोने दिया जाएगा और नहीं उसे मंडियों में भेजने दिया जाएगा।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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