Home » News Update » मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, झारखंड आंदोलनकारी कपूर कुमार टुडू जी के निधन पर उनके पैतृक आवास पहुंचे, दिवंगत के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, झारखंड आंदोलनकारी कपूर कुमार टुडू जी के निधन पर उनके पैतृक आवास पहुंचे, दिवंगत के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

◆मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, झारखंड आंदोलनकारी कपूर कुमार टुडू जी के निधन पर सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल के चिलगू-चाकुलिया स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचे, दिवंगत के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

◆मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति हेतु कामना की, शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया

◆ मुख्यमंत्री ने कहा- कपूर टुडू जी का झारखंड अलग राज्य आंदोलन में था अहम योगदान, सामाजिक सरोकार से जीवन भर रहा नाता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन, झारखंड आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता कपूर कुमार टुडू जी (कपूर बागी जी ) के निधन पर आज सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल के चिलगू- चाकुलिया स्थित आवास पहुंचकर दिवंगत के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को दु:ख सहन करने की शक्ति देने हेतु प्रार्थना की। मुख्यमंत्री अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

जीवन भर रहा सामाजिक सरोकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कपूर टुडू जी के रूप में मैंने अपना एक भाई, दोस्त और झारखंड आंदोलनकारी खो दिया है। उनका निधन ना सिर्फ हमारी पारिवारिक क्षति है बल्कि इस राज्य ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने अलग राज्य के संघर्ष से लेकर अपने पूरे जीवन काल में सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर आम लोगों की तकलीफों को दूर करने का प्रयास करते रहे। मुख्यमंत्री ने व्यथित मन से कहा कि उनका निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। दिवंगत कपूर कुमार टुडू जी को अश्रुपूर्ण नमन।

परिवार में मां, पत्नी और तीन नाबालिग बच्चे

विदित हो कि दिवंगत कपूर कुमार टुडू जी रिश्ते में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के फुफेरे भाई थे । कल 6 मई- 2025 को उनका निधन हो गया था। वे अपने पीछे मां श्रीमती सुखी टुडू, पत्नी श्रीमती सुकुरमनी टुडू एवं दो पुत्र, एक पुत्री छोड़ गए हैं। वे अपनी सादगी और सरलता के लिए जाने जाते थे। सामाजिक सरोकार और आम लोगों के प्रति सेवा भाव उनकी पहचान थी।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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