(बोकारो): गोमिया प्रखंड के झिरकी ईदगाह में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का पर्व पूरे हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मनाया गया। प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर स्थित मस्जिदों और ईदगाहों में शनिवार सुबह मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज़ अदा की। इस अवसर पर हज़रत इब्राहिम के त्याग और समर्पण की भावना को याद किया गया, जो इस पर्व का मूल संदेश है।
प्रखंड के प्रमुख स्थानों जैसे गोमिया, झिरके, कथारा, स्वांग, और अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में सुबह 6:30 से 9:00 बजे के बीच नमाज़ का आयोजन किया गया। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। नमाज़ के दौरान इमामों ने देश में अमन, शांति, और समृद्धि के लिए दुआएं मांगीं।

स्थानीय प्रशासन कथारा ओपी प्रभारी राजेश प्रजापति ने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की थी। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा, और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। बेरमो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बीएन सिंह और अन्य अधिकारियों ने प्रमुख स्थानों पर गश्त कर स्थिति का जायजा लिया।
नमाज़ के बाद कुर्बानी की रस्म अदा की गई, जिसमें समुदाय के लोगों ने जरूरतमंदों के बीच कुर्बानी का हिस्सा बांटा। सामुदायिक भोज और उत्सव का माहौल भी देखने को मिला, जिसमें विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए। स्थानीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता पर जोर दिया।
झिरकी निवासी (मरकज कमेटी) उत्तरी छोटा नागपुर अध्यक्ष इसराफिल अंसारी (बबनी) ने कहा, “ईद-उल-अज़हा का यह पर्व हमें त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। हमने पूरे सौहार्द के साथ नमाज़ अदा की और समाज में शांति के लिए दुआ मांगी।” इस पर्व ने गोमिया प्रखंड झिरकी में एकता और समरसता का एक सुंदर उदाहरण पेश किया।
झिरकी अंजुमन कमेटी सदर हाजी अब्दुल कुदुस, सेक्रेटरी शराफत हुसैन, मुखिया मिकाइल अंसारी, समाजसेवी इशतेखार आलम, जाबिर आलम, हासीम अंसारी, मुर्शीद अली, हाजी मसीबुल रहमान, हाजी शत्तार हुसैन व समस्त झिरकी के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
