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आशा की एक किरण: झिरकी गाँव के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और स्कूल बैग लेकर पहुँची रेनुकिरण वेलफेयर फाउंडेशन

(बोकारो) गोमिया: समाज के हर कोने तक शिक्षा की रोशनी पहुँचाने के भावपूर्ण प्रयास में, दिल्ली स्थित सामाजिक संस्था रेनुकिरण वेलफेयर फाउंडेशन ने एक ऐसा सराहनीय कदम उठाया है जो बदलाव की लहर पैदा कर रहा है। हाल ही में संस्था ने झारखंड के बोकारो जिले के झिरकी गाँव में स्थित I.A. इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों को स्कूल बैग वितरित किए। कुल 50 स्कूल बैग ज़रूरतमंद बच्चों को प्रदान किए गए — जो न केवल पढ़ाई के साधन हैं, बल्कि आत्म-सम्मान, प्रेरणा और उम्मीद का प्रतीक भी हैं।

रेनुकिरण वेलफेयर फाउंडेशन की निदेशक, अविनाश ने इस प्रयास के भावनात्मक और प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:

“हर बच्चा शिक्षा का अधिकारी है। एक छोटा-सा स्कूल बैग उसके सपनों का पहला साथी बन सकता है। यह केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और भविष्य की ओर एक सशक्त कदम है।”

 

उनके शब्द रेनुकिरण की मूल भावना को दर्शाते हैं — कि एक छोटी-सी मदद भी किसी के पूरे जीवन को बदल सकती है।

 

बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और आँखों में चमक इस पहल के असर को स्पष्ट रूप से दिखा रही थी। इनमें से कई बच्चों ने पहली बार स्कूल बैग पाया। स्कूल के निदेशक मोहम्मद इसराफिल अंसारी ने अपनी अनुभूति साझा करते हुए कहा:

 

“इन बच्चों की आँखों में जो चमक है, वह शब्दों में बयाँ नहीं की जा सकती। संसाधनों की कमी ने उनकी जिज्ञासा को कभी नहीं रोका, लेकिन इस सहयोग से उन्हें एक नई प्रेरणा मिली है।”

 

सिर्फ वितरण नहीं, बल्कि स्थायी बदलाव के लिए प्रतिबद्धता

 

रेनुकिरण वेलफेयर फाउंडेशन सिर्फ एक चैरिटेबल संस्था नहीं, बल्कि समावेशी विकास के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन है। यह संस्था शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवा, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है और इसी उद्देश्य के साथ, रेनुकिरण वेलफेयर फाउंडेशन आने वाले समय में भी ऐसे प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल कायम करता रहेगा।

मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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