Home » News Update » बधाई हो, बेटी हुई है कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमिया में बेटियों के जन्म पर जन्मोत्सव मनाया गया।

बधाई हो, बेटी हुई है कार्यक्रम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमिया में बेटियों के जन्म पर जन्मोत्सव मनाया गया।

बेटियों को आगे बढ़ाने – सशक्त करने, समाज में बदलाव के लिए मानसिकता में बदलाव जरूरी।

राज्य सरकार की मईयां सम्मान योजना भी महिलाओं को सशक्त करने का माध्यम- बीडीओ, गोमिया।

बोकारो: जिला समाज कल्याण विभाग के आदेश पर बाल विकास परियोजना गोमिया द्वारा आज दिनांक 22 अगस्त, 2025 को ” बधाई हो, बेटी हुई है ” कार्यक्रम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमिया के मातृ–शिशु वार्ड में आयोजन किया गया।

मौके पर बीडीओ गोमिया महादेव महतो, अंचल अधिकारी सह सीडीपीओ गोमिया मो. आफताब आलम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी गोमिया डॉ बलराम मुखी, महिला पर्यवेक्षिका समेत अन्य उपस्थित थे। 

सबसे पहले अंचल अधिकारी सह सीडीपीओ गोमिया मो. आफताब आलम, बीडीओ गोमिया महादेव महतो, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी गोमिया डॉ बलराम मुखी, महिला पर्यवेक्षिका व अन्य के द्वारा नवजात बेटियों के अभिभावकों को क्रमवार उनके घर बेटी होने की उन्हें बधाई दी गई तथा बेटी के जन्म की इस खुशी को साझा करते हुए सभी पदाधिकारियों ने अभिभावकों को मिठाई खिलाई उनका मुंह मीठा कराया गया। इसके साथ ही प्रसव के पश्चात आवश्यक मेडिकल कीट और बच्चों से संबंधित किट प्रदान किए गए।

जन्म पर उनके अभिभावकों को बधाई दें तथा मिठाई खिलाया –

कार्यक्रम में अंचल अधिकारी सह सीडीपीओ गोमिया मो. आफताब आलम, बीडीओ गोमिया महादेव महतो, ने कहा कि *बेटी के जन्म को बोझ नहीं समझे, अपने आपको सौभाग्य समझें। साथ ही कहा कि अब जमाना बदल गया है बेटियों के जन्म को खुशी और उल्लास से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में मानसिक स्तर पर बेटियों को लेकर समानता का भाव नहीं आएगा, तब तक असल बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने सभी *अपने-अपने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि समाज में बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में समान अवसर* दें। साथ ही, अपने आस पास बेटियों के जन्म पर उनके अभिभावकों को बधाई दें तथा मिठाई खिलाएं।

प्रखंड विकास पदाधिकारी गोमिया महादेव महतो ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जैसे कार्यक्रम में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का ही एक माध्यम है। यह आवश्यक है कि अभिभावक अपनी बेटियों को आगे बढ़ने की पूरी आजादी दें और उनको प्रोत्साहित करें।

 

मौके पर कई चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं परिजन उपस्थित थे।

मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

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