गिरिडीह —- इस अवसर पर पूरे गुरुद्वारा को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। आकर्षक लाइटें तथा फूलों की सजावट की गई थी जो की गुरुद्वारे की भव्यता को और भी चार चांद लग रही थी। वंही श्रद्धालुओं ने पूरे गुरुद्वारे में मोमबत्तियां जलाकर इसकी सुंदरता को और भी बढ़ा दिया। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की भी की गई। रात्रि 8 बजे प्रारंभ हुई इस कीर्तन दरबार में बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं के अलावा अन्य समुदाय के लोगों ने भी पहुंचकर माथा टेका तथा शब्द कीर्तन का आनंद उठाया। गौरतलब है कि श्री गुरु नानक देव जी के 556 में प्रकाश दिवस को लेकर सिख समाज द्वारा 5 दिन लगातार प्रभात फेरी निकाली गई। इसके उपरांत यात्रा पूरे शहर गिरिडीह में भव्य रूप से शोभा यात्रा निकाली गई और बुधवार को सुबह गिरिडीह स्टेशन रोड मुख्य गुरुद्वारा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वंहीं रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक पंजाबी मुहलला स्थित गुरुद्वारा में कीर्तन दरबार लगाया गया तथा इसके उपरांत लंगर की भी व्यवस्था की गई थी। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस प्रकाश उत्सव समापन कार्यक्रम को सफल बनाने में पंजाबी मुहलला गुरुद्वारा के प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह दुआ, सरदार परमजीत सिंह दुआ, सरदार राजेंद्र सिंह, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार अजेंद्र सिंह चावला, हरमिंदर सिंह बग्गा, जगजीत सिंह बग्गा, गुरभेज सिंह कालरा, जगजीत कौर, रणजीत कौर, गुरमीत कौर, जसविंदर कौर सहित कई सिख गणमान्यों और युवा सिख युवकों का सराहनीय सहयोग रहा।

Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
