गोमिया: प्रखंड अंतर्गत झिरकी निवासी जान बाबू की महाराष्ट्र के पुणे स्थित देहू रोड में काम के दौरान रविवार सुबह अचानक हृदयगति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। जान बाबू रोज़गार की तलाश में बाहर गए थे और देहू रोड क्षेत्र में कार्यरत थे।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन गहरे सदमे में आ गए। परिजनों और सहयोगियों की मदद से मृतक का शव हवाई जहाज के माध्यम से उनके पैतृक गांव झिरकी लाया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है, ऐसे में अचानक हुए इस हादसे ने परिजनों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
वही झिरकी कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया आसपास से पहुंचे लोग समेत जनाजे की नमाज मे सैकड़ो की संख्या में लोग शामिल हुए।
गौरतलब है कि झारखंड से रोजगार के लिए बाहर पलायन करने वाले मजदूरों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सरकार की ओर से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के कई वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में पलायन के भेंट चढ़ने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। यह घटना एक बार फिर पलायन की गंभीर समस्या और मजदूरों की असुरक्षा को उजागर करती है।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
