कथारा: डीएवी कथारा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सीसीएल (CCL)और एनसीसी (NCC) कैडेट्स के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सीसीएल के एजीएम (AGM) विनोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ सीसीएल के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी शिरकत की जिनमें अभिजीत दत्ता(स्टाफ ऑफिसर उत्खनन), विजय कुमार(स्टाफ ऑफिसर सेल्स), अजीत कुमार(स्टाफ ऑफिसर सिक्योरिटी), ऋषभ अमन,(स्टाफ ऑफिसर लीगल),एस.एस. पाल(स्टाफ ऑफिसर इएनवी), आर. के. वर्णवाल (एरिया सेफ्टी ऑफिसर), जयप्रकाश कुमार(डिप्टी ए.एफ.एम.) एवं राहुल सिंह(तकनीकी सहायक, महाप्रबंधक-कथारा) शामिल थे।कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत की गई, जिसमें मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्राचार्य ,एनसीसी कैडेट्स और विद्यालय के टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि सभी उपस्थित लोगों ने इन पौधों के लालन-पालन और सुरक्षा की शपथ भी ली ।
पर्यावरण दिवस के इस अवसर पर सीसीएल के पदाधिकारियों द्वारा चित्रांकन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में सफल मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया । इस सम्मान समारोह से विद्यार्थियों के बीच काफी उल्लास और उत्साह देखा गया ।
विद्यालय के प्राचार्य सह -झारखंड जोन -आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी. एन. खान ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान युग में पर्यावरण को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है । उन्होंने अपील की कि हर इंसान को अपनी माँ के नाम पर, अपने जन्मदिन के अवसर पर किसी भी खाली जगह पर एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि धरती माँ को बचाने के लिए पौधारोपण एक पुण्य का कार्य है । कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक राकेश रंजन, जयपाल साव, बबलू कुमार दसौंधी, शिवप्रकाश सिंह,संगीत कुमार के साथ-साथ कार्यालय कर्मचारी चंचल मन्ना, शुभम कुमार, सुमन कुमार पाण्डेय, आशीष कुमार पाण्डेय, अनिल कुमार और विजय वर्मा की मुख्य भूमिका रही । इसके अलावा चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों में उमेश प्रजापति, श्याम नंदन सिंह, चेतन, अशोक, सोनाराम, सुशील , प्रेम, बित्तन रविदास, सुमित्रा, महेश और सावित्री का भी सराहनीय योगदान रहा ।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
