बोकारो, 06 जून 2026: बोकारो समाहरणालय सभागार में पुलिस और कानून व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, त्वरित और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को एक दिवसीय उच्च स्तरीय कानूनी कार्यशाला (लीगल वर्कशॉप) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य ध्यान माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, रांची से संबंधित वादों और मामलों के त्वरित व सटीक निष्पादन पर केंद्रित रहा।
दिग्गज पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यशाला में पुलिसिंग और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) शैलेंद्र सिंन्हा और बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) नाथू राम मीणा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा जिले की कानून व्यवस्था से जुड़े तमाम आला अधिकारी भी शामिल हुए:
- बोकारो जिला के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP)
- सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO)
- जिले के सभी थाना प्रभारी
मुख्य वक्ता ने दिए त्वरित निष्पादन के कानूनी सुझाव
कार्यशाला के मुख्य वक्ता झारखंड उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित अधिवक्ता शाहबाज़ अख्तर थे। उन्होंने उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए हाई कोर्ट से जुड़े मामलों को कानूनी रूप से मजबूत और त्रुटिरहित तरीके से कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अधिवक्ता शाहबाज़ अख्तर का मुख्य सुझाव:
“कोर्ट से जुड़े मामलों में समय सीमा (Timeline) और दस्तावेजों की सटीकता सबसे महत्वपूर्ण होती है। पुलिस अधिकारी केस डायरी और रिपोर्ट तैयार करते समय कानूनी पहलुओं का विशेष ध्यान रखें, ताकि मामलों का निष्पादन बिना किसी देरी के त्वरित गति से हो सके।”
क्या है इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य?
बेहतर समन्वय: पुलिस और न्यायपालिका के बीच आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत करना।
समय पर निष्पादन: जनता से जुड़े मामलों और कोर्ट के आदेशों का पालन बिना किसी तकनीकी या कानूनी चूक के समय पर सुनिश्चित करना।
पारदर्शिता और सटीकता: केस डायरी और जांच रिपोर्ट को कानूनी रूप से इतना पुख्ता बनाना ताकि न्यायालय में कोई तकनीकी खामी आड़े न आए।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
