विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के स्टील प्लांट में सोमवार (8 जून) को अचानक धधकता हुआ पिघला स्टील गिरने से 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में 5 स्थायी और 3 संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारी शामिल हैं। इस हादसे में कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ यह भयावह हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, RINL प्लांट के भीतर एक क्रेन की सहायता से एक विशाल बकेट (पात्र) में करीब 1600°C तापमान पर उबल रहा पिघला हुआ स्टील ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और खौलता हुआ स्टील नीचे काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरा।
प्लांट में मची अफरा-तफरी: स्टील गिरते ही प्लांट के उस हिस्से में भीषण आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग पर पाया काबू: सूचना मिलते ही दमकल विभाग और सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पाया।
जांच के आदेश: स्टील प्लांट के उच्च अधिकारियों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि सुरक्षा मानकों में हुई चूक का पता लगाया जा सके।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
“विशाखापट्टनम स्टील प्लांट हादसे की खबर से गहरा दुख हुआ है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।”
— प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
मुआवजे की घोषणा:
प्रधानमंत्री ने आर्थिक सहायता का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से:
मृतकों के परिजनों को: ₹2,00,000 (दो-दो लाख रुपये)
घायलों को: ₹50,000 (पचास-पचास हजार रुपये) देने की घोषणा की है।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
