नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री ने राज्य की 4 करोड़ से अधिक जनता की आकांक्षाओं और अधिकारों को पुरजोर तरीके से उठाया। “Inclusive Human Development for Vikasit Bharat @2047” विषय पर आधारित इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अगर देश को विकसित बनाना है, तो झारखंड जैसे राज्यों को केवल संसाधनों का स्रोत नहीं, बल्कि विकास का बराबर का साझेदार मानना होगा।

🔴 मुख्य बिंदु: झारखंड की बुलंद मांगें और उपलब्धियां
रिसोर्स स्टेट से मैन्युफैक्चरिंग हब की ओर: मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश की औद्योगिक प्रगति को हमेशा अपने खनिज और श्रम से ऊर्जा दी है। अब राज्य की आकांक्षा Value Addition, Manufacturing, Critical Minerals आधारित उद्योग, Research और Innovation का नया केंद्र बनने की है।
शिक्षा और उत्कृष्ट स्कूल: ‘CM Schools of Excellence’ के जरिए गांव-गांव तक उत्कृष्ट शिक्षा पहुंचाई जा रही है, जहां के छात्र IIT और मेडिकल में जा रहे हैं। राज्य सरकार ऐसे 5,000 स्कूल बना रही है। सीएम ने केंद्र से PM SHRI और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
सांस्कृतिक धरोहर: झारखंड की 32 जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और शैक्षणिक सहयोग के लिए NCERT का एक क्षेत्रीय केंद्र झारखंड में स्थापित करने का आग्रह किया गया।
कुपोषण पर कड़ा प्रहार: राज्य के 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है, फिर भी ‘पोषण अभियान’ और ‘SAAMAR’ योजना से स्टंटिंग में बड़ा सुधार हुआ है। राज्य अपने दम पर 5,000 नए आंगनबाड़ी केंद्र बना रहा है, जिसमें केंद्र से गति देने का आग्रह किया गया है।
💼 स्वास्थ्य, रोजगार और खेल अवसंरचना पर विशेष जोर
कौशल और उच्च शिक्षा: ‘मुख्यमंत्री सारथी योजना’ और ‘बिरसा स्किल सेंटर’ के जरिए युवाओं को AI, EV और रोबोटिक्स जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, ‘मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप’ के जरिए युवाओं को वैश्विक मंच मिल रहा है।
स्वास्थ्य सेवाएं पंचायत स्तर तक: स्वास्थ्य सुविधाओं को जिला मुख्यालयों से निकालकर पंचायत स्तर तक पहुंचाया गया है। सीएम ने केंद्र से PPP मोड पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों की लंबित मंजूरियां जल्द देने की मांग की ताकि मेडिकल सीटें बढ़ सकें।
खिलाड़ियों के लिए विशेष पैकेज: हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट और तीरंदाजी में झारखंड की मजबूत पहचान को देखते हुए राज्य में Sports University, Football एवं Hockey Centre of Excellence की स्थापना की मांग की गई। साथ ही उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष पैकेज का आग्रह किया।
⚠️ केंद्र सरकार और उपक्रमों से लंबित मांगों पर दो टूक
मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के हक और बकाए का मुद्दा भी बेहद मुस्तैदी से रखा:
कोयला कंपनियों और केंद्रीय उपक्रमों (DVC, CCL, ECL) द्वारा झारखंड की बकाया राशि का अविलंब भुगतान किया जाए।
जल जीवन मिशन की लंबित राशि को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन) के नियमों की समीक्षा कर इसमें राज्यों की भूमिका को और मजबूत किया जाए।
केंद्रीय उपक्रमों के कमांड क्षेत्रों में सामाजिक बुनियादी ढांचे (Social Infrastructure) के निर्माण के लिए भूमि और स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को बेहद प्रभावी ढंग से समाप्त करते हुए कहा कि खनिज संपदा को मानव संपदा से, उद्योग को रोजगार से और विकास को सामाजिक न्याय से जोड़ना ही ‘विकसित भारत @2047’ और ‘झारखंड Vision 2050’ का असली मार्ग है।
——(संपादकीय खबर)——+
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
