नई दिल्ली: 21 जून 2026 को होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की पुनः परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने आज राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें आगामी परीक्षा की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
“पुनः परीक्षा की अखंडता और सुचारू संचालन को विकृत करने, बाधित करने या किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून पूरी ताकत से ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसेगा।”
परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर जोर
कैबिनेट सचिव डॉ. सोमनाथन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि परीक्षा का संचालन पूरी तरह से सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित होना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित हितधारकों के बीच आपसी और घनिष्ठ समन्वय (Coordination) का होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार, सभी राज्यों की सरकारें और जिला प्रशासन एक-दूसरे के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं ताकि इस बार परीक्षा बिना किसी बाधा या विवाद के संपन्न हो सके।
बैठकों का लंबा दौर और पुख्ता तैयारी
परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार लगातार जमीन स्तर पर तैयारियों की निगरानी कर रही है। इससे पहले भी कैबिनेट सचिव ने दो अहम बैठकें की थीं:
1 जून 2026: केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों और संबंधित सुरक्षा/परीक्षा एजेंसियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की गई थी।
4 जून 2026: व्यवस्थाओं की प्रगति और राज्यों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) के साथ विस्तृत चर्चा की गई थी।
क्या है इन बैठकों का उद्देश्य?
इन ताबड़तोड़ बैठकों का मुख्य उद्देश्य नीट पुनः परीक्षा के लिए हर स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और परीक्षा प्रक्रिया की खोई हुई विश्वसनीयता तथा अखंडता को वापस बहाल करना है। सरकार का संकल्प है कि इस बार छात्रों के भविष्य और देश की इस बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के साथ किसी भी प्रकार का कोई खिलवाड़ न हो पाए।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
