दिल्ली/बोकारो: भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI) ने देश के चमड़ा और फुटवियर उद्योग की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़े समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत में बने जूतों और चमड़े के उत्पादों की गुणवत्ता सुधारना, टेस्टिंग सुविधाओं को आधुनिक बनाना और इस क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों का कौशल विकास (Skill Development) करना है।
इस समझौते पर क्यूसीआई के महासचिव श्री चक्रवर्ती टी. कनन और एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक श्री विवेक शर्मा (IRS) ने आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए।
देश के इन प्रमुख फुटवियर क्लस्टर्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस ऐतिहासिक साझेदारी से देश के उन प्रमुख शहरों और क्षेत्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र हैं। इनमें शामिल हैं:
आगरा
कानपुर
चेन्नई
बहादुरगढ़
रानीपेट
कालीकट
श्रमिकों के लिए बनेगा ‘विशेष प्रमाणन ढांचा’ (Certification Framework)
इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके तहत फुटवियर क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक बहु-स्तरीय मूल्यांकन और व्यक्तिगत प्रमाणन ढांचा तैयार किया जाएगा।
बिना डिग्री वाले अनुभवी कारीगरों को मिलेगी पहचान: इसके तहत ‘पूर्व शिक्षण की मान्यता’ (RPL) योजना को शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि जिन अनुभवी और अर्ध-कुशल श्रमिकों के पास पारंपरिक हुनर तो है, लेकिन कोई औपचारिक डिग्री नहीं है, उन्हें भी उनके काम के आधार पर सरकारी सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
MSME और प्रयोगशालाओं को मजबूत बनाने पर जोर
तकनीकी मार्गदर्शन: QCI इस क्षेत्र से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को गुणवत्ता प्रबंधन, प्रासंगिक मानकों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करेगा।
लैब मैपिंग और नए केंद्र: FDDI विभिन्न फुटवियर केंद्रों में टेस्टिंग और कैलिब्रेशन प्रयोगशालाओं की कमियों की पहचान करेगा। साथ ही, जिन इलाकों में सुविधाएं कम हैं, वहां सैंपल कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे ताकि छोटे उद्यमियों को अपने प्रोडक्ट की टेस्टिंग कराने में आसानी हो।
संस्थानों के बारे में मुख्य बातें:
भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI): भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (DPIIT) के तहत एक प्रमुख स्वायत्त निकाय है, जो देश में क्वालिटी कल्चर को बढ़ावा देता है।
फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (FDDI): वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख संस्थान है, जो फुटवियर और लेदर सेक्टर में शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए समर्पित है।
लाइव 11 न्यूज का विश्लेषण: यह साझेदारी प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को गति देने वाली है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि वैश्विक बाजार में भारतीय फुटवियर ब्रांड्स की साख और मजबूती से स्थापित होगी।
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Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
