बोकारो: बोकारो जिला के नए पुलिस अधीक्षक (SP) नाथू सिंह मीणा के योगदान दिए करीब दो महीने पूरे हो चुके हैं। इन दो महीनों में जिले की पुलिसिया कार्यशैली में एक ऐसा बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने आम जनता के भीतर पुलिस के प्रति खोए विश्वास को दोबारा जगा दिया है। एक तरफ जहाँ एसपी की इस सख्ती से आम नागरिकों को सुखद एहसास हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ सालों से ‘अमन-चैन की नींद’ सोने के आदी हो चुके लापरवाह पुलिसकर्मियों की नींद उड़ी हुई है।
“पुलिस रक्षक है भक्षक नहीं”: SP नाथू सिंह मीणा
कार्यभार संभालने के बाद से ही एसपी श्री मीणा अपने कर्तव्य और अनुशासन को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि:
”पुलिस जनता की मददगार है, कोई डरने की वस्तु नहीं। निर्दोष जनता को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे पुलिस पर पूरा भरोसा करें और सहयोग दें। तभी पुलिस और जनता के बीच एक मजबूत मैत्री संबंध स्थापित हो पाएगा।”
दो महीने में दिखे बड़े बदलाव और उपलब्धियां:
एसपी के कड़े निर्देशों के बाद बोकारो पुलिस की सुस्ती टूटी है और पिछले दो महीनों में कई बड़े सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं:
- 100 से अधिक वारंटी गिरफ्तार: सालों से जो वारंट थानों में धूल फांक रहे थे और जिन वारंटियों को पुलिस ढूंढ नहीं पा रही थी, वे बेखौफ घूम रहे थे। एसपी के आदेश के बाद विशेष अभियान चलाकर जिले भर से करीब 100 वारंटियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया।
- 301 गुमशुदा मोबाइल बरामद: बोकारो पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से दो माह में रिकॉर्ड 301 गायब/चोरी हुए मोबाइल बरामद किए और उनके असली मालिकों को सम्मानपूर्वक थाने बुलाकर सौंपा।
- कॉल का जवाब देना अनिवार्य: जिले के सभी थानेदारों और डीएसपी को 24 घंटे मोबाइल ऑन रखने तथा जनता की हर कॉल का ईमानदारी से जवाब देने का सख्त आदेश है। खुद एसपी भी इस नियम का कड़ाई से पालन करते हैं।
- पैदल मार्च और माइक से जागरूकता: सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी दर्ज कराने के लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों में नियमित फ्लैग मार्च और पेट्रोलिंग को रूटीन वर्क बना दिया गया है। साथ ही, छिनतई और चोरी जैसी घटनाओं से बचाने के लिए माइक के जरिए जनता को जागरूक किया जा रहा है।
- हर हफ्ते ‘थाना दिवस’: जनता की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए हर थाने को सप्ताह में एक दिन ‘थाना दिवस’ आयोजित करने का निर्देश दिया गया है, जहाँ मौके पर ही शिकायतों का निपटारा हो सके।
तीसरी आंख की तरह आधी रात को धमक रहे हैं एसपी; पुलिस महकमे में हड़कंप
नए कप्तान का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) इस वक्त जिले के पुलिस महकमे के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। एसपी श्री मीणा कब, कहाँ और किस थाने में औचक निरीक्षण के लिए पहुंच जाएंगे, यह कोई नहीं जानता। खासकर देर रात के अंधेरे में उनके अचानक थानों में ‘प्रकट’ हो जाने से पुलिसकर्मी अत्यधिक परेशान हैं।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ पुलिस पदाधिकारियों ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा, “साहब पता नहीं कब सोते हैं, उनके इस कड़े रुख के कारण हमारा तो सोना ही मुश्किल हो गया है।” चर्चा यह भी है कि रात के अंधेरे में चलने वाले कई ‘विशेष खेल और कार्यों’ पर भी इस कड़ाई के कारण पूरी तरह ब्रेक लग गया है।
शिकायत पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन: बालीडीह थाना प्रभारी लाइन हाजिर
एसपी नाथू सिंह मीणा ने साफ कर दिया है कि जनता से दुर्व्यवहार या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी पुलिसकर्मी या पदाधिकारी के खिलाफ जनता की शिकायत जांच में सही पाई गई, तो तुरंत कार्रवाई होगी।
इसका सीधा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला, जब बालीडीह थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक नवीन कुमार सिंह और एक अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से ‘पुलिस लाइन हाजिर’ कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे महकमे में यह कड़ा संदेश गया है कि काम में कोताही करने वालों के लिए बोकारो में कोई जगह नहीं है।
– लाइव 11 न्यूज़ (अब दिखेगा खबर) ब्यूरो, बोकारो।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
