रांची: झारखंड के समृद्ध खनिज क्षेत्र को अब वैश्विक स्तर पर एक नया आयाम मिलने जा रहा है। राज्य में पारंपरिक कोयले और लोहे के अलावा अब लिथियम, टाइटेनियम और वैनेडियम जैसे बहुमूल्य व दुर्लभ खनिजों (Critical Minerals) की खोज और प्रसंस्करण (Processing) के लिए अमेरिकी कंपनियां कदम बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अमेरिकी काउंसलेट जेनरल सुश्री कैली जाइल डियाज के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
🔹 बैठक की मुख्य बातें:
यूएस कंपनियों की बड़ी रुचि: अमेरिका की प्रतिष्ठित माइनिंग कंपनियों के समूह USISPA ने झारखंड सरकार से संपर्क साधा है। यह समूह राज्य में खनिज ब्लॉकों की आगामी खुली नीलामी प्रक्रिया में सीधे भाग लेने का इच्छुक है।
20 से अधिक दुर्लभ खनिजों का भंडार: बैठक में अमेरिकी अधिकारियों को अवगत कराया गया कि झारखंड में पारंपरिक खनिजों के साथ-साथ लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम, सिल्वर और ग्रेफाइट जैसे 20 से अधिक दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार मौजूद हैं, जिन पर नई खोज लगातार जारी है।
अत्याधुनिक तकनीक का मिलेगा सहयोग: राज्य सरकार विश्व की अग्रणी कंपनियों को उन्नत और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक के साथ माइनिंग ब्लॉक सौंपने पर विचार कर रही है, जिससे राज्य के राजस्व और रोजगार में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
अहम उपस्थिति: इस रणनीतिक बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल और खान निदेशक श्री राहुल कुमार सिन्हा सहित अमेरिकी दूतावास के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
